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Dairy News: मदर डेयरी ने नैचुरली डिग्रेडेबल मिल्क पाउच किया पेश, प्लास्टिक का विकल्प खोजा

नया पाउच पेश करते हुए एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी मदर डेयरी ने 2 जून को भारत का पहला मिट्टी में नैचुरली डिग्रेडेबल मिल्क पाउच पेश किया. यह पहल सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति कंपनी की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है. कंपनी इस पैकेजिंग इनोवेशन को दिल्ली एनसीआर में अपने प्रसिद्ध Cow Milk वेरिएंट के साथ लॉन्च करेगी, जिसमें एक नया पैक डिजाइन भी देखने को मिलेगा. इसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून 2026) से होगी. मदर डेयरी का यह नया मिल्क पाउच एक अनूठा डिग्रेडेबल पैकेजिंग इनोवेशन इस्तेमाल करता है, जो इस मटेरियल को बायोअवेलेबल वैक्स में बदलने में सक्षम बनाता है, जिसे मिट्टी में मौजूद माइक्रोब्स नैचुरली ब्रेकडाउन करके प्राकृतिक तत्वों में बदल देते हैं.

नई पैकेजिंग इनोवेशन का अनावरण करते हुए एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि मदर डेयरी का मिशन केवल डेयरी व्यवसाय तक सीमित नहीं है. कंपनी पोषण के माध्यम से लोगों के जीवन को समृद्ध बनाने और जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. मदर डेयरी द्वारा भारत का पहला नैचुरली डिग्रेडेबल मिल्क पाउच लॉन्च किया जाना एक और महत्वपूर्ण माइलस्टोन है, जो इस सेक्टर की निरंतर नेतृत्व क्षमता और नए बेंचमार्क्स स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही फ्यूचर-रेडी और सस्टेनेबल इकोसिस्टम के निर्माण के प्रति इसके संकल्प को भी मजबूत करता है.

दूध की कीमतों पर नहीं पड़ेगा असर
उन्होंने कहा कि नई पैकेजिंग को सदियों के बजाय कुछ ही वर्षों में मिट्टी में नैचुरली डिग्रेड होने के लिए डिजाइन किया गया है.

जबकि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बदलाव का उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

यह पैकेजिंग को एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने हेतु डिजाइन किया गया है जिससे उपभोक्ता के अनुभव में कोई बदलाव नहीं होगा. जबकि स्टोरेज, हैंडलिंग या डिस्पोजल का तरीका वही रहेगा.

महत्वपूर्ण बात यह है कि नई पैकेजिंग से दूध की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ या स्वाद पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, और यह मदर डेयरी के साथ जुड़े भरोसेमंद गुणों को बरकरार रखेगी.

इस पहल के बारे में बात करते हुए जयतीर्थ चारी, प्रबंध निदेशक, मदर डेयरी, ने कहा, ‘मदर डेयरी, पिछले पाँच दशकों से, डेयरी सेक्टर में इनोवेशन में अग्रणी रही है.

इसी कमिटमेंट के तहत हमने चार वर्षों से अधिक रिसर्च करके एक नैचुरली डिग्रेडेबल मिल्क पाउच विकसित किया है, जो पर्यावरण में प्लास्टिक का कोई निशान नहीं छोड़ता.

हालांकि ये दूध पाउच आगे भी रिसाइक्लेबल रहेंगे, इसकी खासियत यह है कि यह नैचुरली डिग्रेड होकर प्राकृतिक तत्वों में बदल जाता है.

जिससे प्लास्टिक के फैलाव की समस्या को कम करने और एक स्वच्छ इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी.

हमें खुशी है कि हम इस पायनियरिंग पैकेजिंग इनोवेशन को अपने प्रसिद्ध Cow Milk वेरिएंट के माध्यम से पेश कर रहे हैं, जिसका पैक डिजाइन भी नया होगा, क्योंकि यह विश्वास और अच्छाई के एक दशक का प्रतीक है.”

इस पायनियरिंग पैकेजिंग इनोवेशन के साथ, मदर डेयरी अपने मिल्क पोर्टफोलियो के लिए नया डिजाइन भी पेश कर रही है.

पैकेजिंग में किए गए इस बदलाव का मुख्य आकर्षण जिसकी शुरुआत मदर डेयरी के प्रसिद्ध गाय के दूध वाले उत्पाद से होती है नोट ऑफ केयर’ है.

रिफ्रेण्ड पैकेजिंग डिजाइन में क्लीनर टाइपोग्राफी और ब्राइटर विजुअल टोन्स भी शामिल किए गए हैं, जो ब्रांड आइडेंटिटी को अधिक मॉडर्न और कोहेसिव बनाते हैं.

आगे चलकर, यह नया डिजाइन सिस्टम ब्रांड के पूरे मिल्क पोर्टफोलियो को एक कोहेसिव मदर डेयरी लुक के तहत एकीकृत करेगा, जिससे ब्रांड रिकॉल और ब्रांड इक्विटी को और मजबूती मिलेगी.

Written by
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