Home पोल्ट्री Poultry Farming: मॉनसून में शेड मैनेजमेंट के बिना मर्गी पालन में नहीं हो पाएंगे सफल, सही तरीका जानें
पोल्ट्री

Poultry Farming: मॉनसून में शेड मैनेजमेंट के बिना मर्गी पालन में नहीं हो पाएंगे सफल, सही तरीका जानें

Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Animal Husbandry Fair
गडवासु में लगाए गए पशुपालनद मेले में बांस से बना मुर्गी शेड प्रदर्शनी में रखा गया

नई दिल्ली. अभी मॉनसून का सीजन है. बारिश हो रही है. ऐसे में मुर्गी पालकों को भी अलर्ट रहने की जरूरत है. क्योंकि बारिश मुर्गी पालन के काम में बड़ा नुकसान ला सकती है. यदि आप नुकसान से बचना चाहते हैं तो एहतियात बरतना जरूरी है. यदि अभी आपने तैयारी नहीं की है तो कर लें. क्योंकि बिना तैयारी ये करना मुश्किल हो जाएगा. एक्सपर्ट का कहना है कि बारिश का सीजन मुर्गियों के लिए संक्रामक बीमारी लेकर आता है. पहले शेड मैनेजमेंट करना चाहिए. नहीं तो नुकसान होने का खतरा होता है.

यदि नुकसान से बचाव करना चाहते हैं तो फिर घबराने की जरूरत नहीं है. बस आपको शेड मैनेजमेंट सीखना होगा और हम इसी के बारे में यहां आपको बताने जा रहे हैं.

किन बातों का रखना है ध्यान, जानें यहां
शेड की सुरक्षा कैसे करें
छत की लीकेज तुरंत ठीक करें.

साइड पर्दे (Curtain) सही रखें.

पानी अंदर न आने दें.

शेड के चारों तरफ पानी जमा न होने दें, नाली की सफाई करें.

फर्श को हमेशा सूखा और साफ रखें.

पानी प्रबंधन (WATER MANAGEMENT)

हमेशा साफ और ठंडा पानी दें.

पानी को रोज साफ करें.

पानी में इलेक्ट्रोलाईट विटामिन C का उपयोग करें लगातार 2-3 दिन तक.

लिटर मैनेजमेंट (LITTER MANAGEMENT)

लिटर को सूखा और भुरभुरा रखें.

गीला लिटर तुरंत बदलें.

चूना (Lime) या लिटर ट्रीटमेंट पाउडर का छिड़काव करें.

नमी से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे बीमारियों फैलती हैं.

बायोसिक्योरिटी (BIOSECURITY)

अनावश्यक लोगों का प्रवेश बंद करें.

फुट डिप का उपयोग करें.

वाहन और उपकरणों को सैनिटाइज करें.

चूहे, कीड़े-मकोड़ों का नियंत्रित करें.

वेंटिलेशन (VENTILATION)

बरसात में हवा बंद न करें,

अमोनिया गैस से बचाव करें.

सही वेंटिलेशन से नमी और गैस कम होगी, पक्षी स्वस्थ रहेंगे.

मौसम अनुसार पर्दे दिन में ऊपर करें.

रात में हवा का डायरेक्ट झोंका मुर्गी पर न पड़े.

फीड प्रबंधन (FEED MANAGEMENT)

फीड को हमेशा सूखा रखें.

नमी या फफूंद लगी फीड न दें.

फीड को ढककर रखें, जमीन पर न रखें.

एंटीफंगल या टोक्सिन बाइंडर का उपयोग जरूरत के मुताबिक करें.

निष्कर्ष
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन, मिनरल और लिवर टॉनिक दें. CRD, कॉक्सीडियोसिस, ई-कोलाई जैसी बीमारियों से सावधान रहें. किसी भी बीमारी के लक्षण दिखे तो तुरंत इलाज करें. इससे आपको मुर्गी पालन में दिक्कत नहीं आएगी और उत्पादन बेहतर मिलेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Backyard poultry farm: know which chicken is reared in this farm, livestockanimalnews
पोल्ट्री

Egg Production: ज्यादा अंडा उत्पादन के लिए मुर्गियों को दें भरपूर रोशनी, पानी का भी रखें ख्याल

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में अगर आप अंडा उत्पादन के लिए लेयर...

नर्मदा निधि आपकी आमदनी को जबरदस्त बढ़ा सकती है. ये साल भर में 160 से 180 अंडे तो देती है. इसका वजन भी बहुत तेजी के साथ बढ़ता है.
पोल्ट्री

Poultry: पोल्ट्री कॉन्क्लेव में यूपी में अंडा उत्पादन बढ़ाने पर दिया गया जोर

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर को आगे बढ़ाने का काम...

sonali murgi
पोल्ट्री

Poultry Farming: सिर्फ 10 हजार रुपए में शुरू किया जा सकता है मुर्गी पालन, बिल्कुल आसान तरीके से समझें

नई दिल्ली. ऐसे बहुत से युवा हैं जो अच्छी नौकरियां छोड़कर मुर्गी...