नई दिल्ली. जहां एक ओर देश में पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है तो वहीं इसके साथ-साथ कई परेशानियां भी हैं जो पशुपालन के तेजी से बढ़ने में रुकावट डाल रही है. सबसे बड़ी दिक्कत तो बीमारी की वजह से होती है. क्योंकि पशु बीमार होने की स्थिति में उत्पादन घटा देता है. बीमारी गंभीर हो जाती है तो इससे इलाज पर आने वाले खर्च के चलते पशुपालन की लागत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. कुल मिलाकर कहा जाए तो पशुपालन के काम में इससे नुकसान ही नुकसान होता है. जिससे नए पशुपालकों का इस काम से मोह भंग हो जाता है.
हालांकि जिस तरह से बीमारियां पशुओं को परेशानी करती हैं और पशुपालकों को नुकसान पहुंचाती हैं. ठीक उसी तरह से पशुओं के इलाज के लिए सरकार की हर संभव कोशिश की जा रही है. अगर बात बिहार की ही की जाए तो यहां बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से कई अहम काम किए जा रहे हैं, जिससे पशु को बीमारियों से बचाया जाए. जिसमें कई गंभीर बीमारियों फ्री की जांच है. जांच से ये आसानी से पता चल जाता है कि पशु क्यों बीमार है और फिर उसका उपचार कर बीमारी से बचाया जा सकता है.
कौन सही जांच हो रही है
विभाग की ओर कहा गया है कि बिहार के समस्त पशुपालकों को सूचित किया जाता है कि पशु स्वास्थ्य और उत्पादन संस्थान, पटना की सेवा जरूर लें.
जहां आधुनिक प्रयोगशालाओं में आपके पशुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए कई सुविधाएं नियमित रूप से फ्री में उपलब्ध हैं.
उपलब्ध निःशुल्क जांच सुविधाओं की बात करें तो खून की जांच के जरिए ब्लड प्रोटोजोआ, T.C., D.C., ESR, हीमोग्लोबिन का पता लगाया जाता है.
संक्रामक रोग के लिए जोन्स डिजीज, T.B., ब्रुसेलोसिस, ग्लैंडर्स टेस्ट किया जाता है.
दूध और पेशाब की जांच से मिल्क कल्चर सेंसिटिविटी, यूरिन रूटीन एवं यूरिन कल्चर का पता लगाया जा सकता है.
पोल्ट्री (मुर्गी पालन) में P.M., पैरासिटोलॉजिकल, पैथोलॉजिकल बैक्टीरियोलॉजिकल एवं जल जांच फ्री में की जा रही है.
इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण जांच में गोबर (Fecal) जाँच, स्किन स्क्रेपिंग, लिम्फ नोड बायोप्सी पशु आहार टेस्ट (सशुल्क) होता है.
निष्कर्ष
विभाग की ओर से कहा गया है कि अपने बीमार पशुओं के सटीक उपचार और बेहतर उत्पादन के लिए आज ही संस्थान की सेवाओं का लाभ उठाएं. फ्री जांच के लिए सैंपल के साथ पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना से संपर्क करें. एक्सपर्ट का कहना है कि जब पशु हैल्दी रहेगा तो पशुपालक खुद ब खुद खुशहाल होंगे.












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