नई दिल्ली. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह व केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की मौजूदगी में दिल्ली में प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन (MTPD) गोबर के समुचित प्रबंधन के लिए गोबर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों की स्थापना के लिए एक अहम काम है. असल में एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह और MCD के आयुक्त संजीव खिरवार के द्वारा एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू जी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही आदि मौजूद रहे.
यह समझौता दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों में उत्पन्न होने वाले गोबर के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस पहल के तहत गोबर को यमुना नदी में जाने से रोकते हुए उससे हरित ऊर्जा (CBG) एवं ऑर्गेनिक उर्वरक का उत्पादन किया जाएगा.
यमुना बनेगी स्चच्छ
इससे यमुना एवं दिल्ली को स्वच्छ बनाने, सस्टेनेबल अपशिष्ट प्रबंधन एवं सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, हरित ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि करने तथा किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.
इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस पहल को एक अनूठा मॉडल बताते हुए कहा कि यह देशभर के शहरों में स्थित डेयरियों से निकलने वाले अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन का आदर्श मॉडल बन सकता है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के यमुनोत्री से प्रयागराज तक के स्वच्छ यमुना के संकल्प को मूर्त रूप देने में भी अहम भूमिका निभाएगा. उन्होनें इस पहल के लिए एनडीडीबी और दिल्ली नगर निगम को हार्दिक बधाई दी.
राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सस्टेनेबल विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस पहल से बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे.
इससे एक ओर स्वच्छ यमुना के लक्ष्य को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर हरित ऊर्जा और जैविक उर्वरक का उत्पादन होगा तथा किसानों की आय में भी वृद्धि होगी.
इस दौरान सरदार तरनजीत सिंह संधू, उपराज्यपाल, दिल्ली एवं श्रीमती रेखा गुप्ता, माननीया मुख्यमंत्री, दिल्ली ने भी अपने विचार अभिव्यक्त किए.
इसके साथ डॉ मीनेश शाह, अध्यक्ष, एनडीडीबी ने स्वागत सम्बोधन किया, दिल्ली नगर निगम के आयुक्त श्री संजीव खिरवार ने एक संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया और दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.











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