Home डेयरी Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान
डेयरी

Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. गाय-भैंस यदि भरपूर दूध का उत्पादन करे लेकिन दूध के अंदर फैट न हो तो फिर डेयरी किसान को दूध का दाम अच्छा नहीं मिल पाता है. क्योंकि दूध के अंदर फैट की मात्रा बेहद ही अहम है. बड़ी डेयरी कंपनियां भी दूध के अंदर फैट और एसएनएफ को जांचने के बाद ही दूध का सही दाम डेयरी किसानों को देती हैं. वहीं आम इंसान भी दूध का दाम तभी अच्छा देता है, जब दूध फैट से भरपूर हो. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि कई बार डेयरी किसानों की कुछ गलती की वजह से दूध में फैट कम हो जाता है.

ऐसे में एक डेयरी फार्मर्स को जानना ही चाहिए कि ऐसा क्यों होता है कि उनका पशु दूध तो ठीक—ठाक मात्रा में उत्पादित कर रहा है लेकिन फैट कम क्यों हो रहा है. कुछ मामलों में तो ये एक पशु के साथ जबकि कुछ मामलों में डेयरी फार्म के सभी पशु दूध का उत्पादन कम कर देते हैं. आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है.

फैट कम क्यों होता है ?
एक्सपर्ट का कहना है दूध का फैट पशु के आहार, स्वास्थ्य, पाचन और देखभाल पर निर्भर करता है. संतुलित आहार की कमी के कारण ऐसा होना आम बात है.

जब पशु को प्रोटीन, ऊर्जा, मिनरल्स और विटामिन युक्त संतुलित आहार नहीं मिलता, तो दूध में फैट कम हो जाता है.

हरे चारे की कमी के कारण भी होता है. हरे चारे में फाइबर और पोषक तत्व अधिक होते हैं. जिससे दूध में फैट प्रतिशत बढ़ता है. हरे चारे की कमी से दूध का फैट कम हो जाता है.

पशु के स्वास्थ्य और पाचन संबंधी समस्याओं के कारण भी हो सकता है. बीमारी, कीड़े, संक्रमण, तनाव, हीट स्ट्रेस या पाचन तंत्र की समस्याओं से पशु का पाचन कमजोर होता है, जिससे दूध में फैट कम हो जाता है.

उपरोक्त सभी कारण एक साथ या अलग-अलग दूध के फैट को कम कर सकते हैं. ऐसे में इन चीजों की कमी नहीं होने देना चाहिए.

पशु को संतुलित आहार दें. प्रोटीन, ऊर्जा, मिनरल्स और विटामिन युक्त आहार दें. पर्याप्त मात्रा में हरा चारा और साफ पानी उपलब्ध कराएं.

पशु की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं. पशु को तनाव मुक्त और स्वच्छ वातावरण में रखें.

निष्कर्ष
सही पोषण, पर्याप्त हरा चारा और पशु का अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने से दूध की फैट प्रतिशत को बेहतर रखने में मदद मिलती है. इससे उसका पशु का स्वास्थ्य बेहतर होता है और दूध ज्यादा​ मिलता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy Sector: बिहार समेत पांच राज्यों में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर 4 फॉर्मूले पर होगा काम

नई दिल्ली. डेयरी के बिजनेस के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाने...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

MP Dairy News: 26 हजार गांवों से दूध संकलन का बनाया टारगेट, पांच साल में पूरा होगा ये लक्ष्य

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को देश की अग्रणी ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप...

डेयरी

Dairy News: अब पहले से मजबूत होगी सांची ब्रांड की गुणवत्ता और उपभोक्ता सेवा

नई दिल्ली. सांची ब्रांड की गुणवत्ता, सुरक्षित दुग्ध परिवहन और उपभोक्ता सेवाओं...

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
डेयरी

Dairy: मध्य प्रदेश में हर दिन 9.75 लाख लीटर दूध का हो रहा है कलेक्शन

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल...