Home डेयरी Milk Production: यूपी में महिलाएं हर दिन कर रही हैं 12.5 लाख लीटर दूध का स्टोरेज, बढ़ रही आमदनी
डेयरी

Milk Production: यूपी में महिलाएं हर दिन कर रही हैं 12.5 लाख लीटर दूध का स्टोरेज, बढ़ रही आमदनी

Livestock Health and Disease Control Programme (LHDCP): to provide for prophylactic vaccination against animal diseases, capacity building of veterinary services, disease surveillance, and strengthening veterinary infrastructure.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के गांवों में पौने चार लाख महिलाएं श्वेतक्रांति की नई ताकत बनकर उभरी हैं. योगी सरकार के ग्रामीण आजीविका मिशन और डेयरी मॉडल से जुड़कर ये महिलाएं अब केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दूध के संग्रह से लेकर उसकी गुणवत्ता जांच, बिक्री और भुगतान तक की कमान खुद संभाल रहीं हैं. प्रदेश के 31 जिलों में महिलाएं प्रतिदिन करीब 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रह कर रहीं हैं. इस बदलाव का सीधा असर महिलाओं की आमदनी पर भी पड़ा है और इनमें से 73 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण कारोबार को बिचौलियों से मुक्त कर महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने का अभियान चलाया गया है. गांवों में तैयार हुआ यह नेटवर्क महिलाओं को दूध की सही कीमत दिलाने के साथ कारोबार का पूरा हिसाब भी उनके हाथ में दे रहा है. मोबाइल एप और डिजिटल मशीनों के इस्तेमाल से दूध की मात्रा, फैट की जांच, कीमत और भुगतान का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो रहा है.

गांव में रहकर संभाल रहीं लाखों का कारोबार
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन लंबे समय से परिवारों की आय का महत्वपूर्ण जरिया रहा है. पशुओं की देखभाल और दूध उत्पादन में महिलाओं की भूमिका सबसे अधिक रहती थी.

इसके बावजूद दूध की बिक्री, कीमत तय करने और हिसाब-किताब में उनकी सीधी भागीदारी सीमित रहती थी.

अब डेयरी के नए मॉडल के जरिए इस व्यवस्था को बदलना शुरू किया गया है. गांव की महिलाएं खुद दूध उत्पादक समूहों और कंपनियों से जुड़कर कारोबार संभाल रही हैं.

इस मॉडल की खास बात यह है कि महिलाओं को अपने गांव में रहकर ही नियमित बाजार मिल रहा है.

संग्रह केंद्रों पर दूध पहुंचाने के बाद उसकी मात्रा और गुणवत्ता का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज हो जाता है.

इससे महिला पशुपालकों को यह पता रहता है कि दूध का मात्रा कितनी है, फैट कितना है और उसके बदले कितना भुगतान मिलेगा.

डिजिटल व्यवस्था ने दूध कारोबार में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के साथ पारदर्शिता बढ़ाई है.

पहले ग्रामीण पशुपालकों को स्थानीय खरीदारों पर निर्भर रहना पड़ता था. कीमत और गुणवत्ता की जांच को लेकर भी उनके पास सीमित विकल्प होते थे.

नई व्यवस्था में दूध की गुणवत्ता मशीन से जांची जा रही है और उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज हो रहा है. इससे दूध की कीमत को लेकर होने वाली असमंजस की स्थिति कम हुई है.

भुगतान की जानकारी भी डिजिटल रिकॉर्ड में रहने से महिलाओं को अपने कारोबार और आमदनी का स्पष्ट हिसाब मिल रहा है। इसका फायदा परिवार के आर्थिक प्रबंधन में भी दिखाई दे रहा है.

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि डिजिटल डेयरी नेटवर्क का असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर साफ दिखाई दे रहा है.

प्रदेश में महिला नेतृत्व वाले इस दुग्ध मॉडल से जुड़कर 73 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं.

वहीं अब दूध संग्रह से लेकर भुगतान तक की जानकारी ऑनलाइन होने से उन्हें अपने रोज के कारोबार का रिकॉर्ड रखने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है.

गांव स्तर पर तैयार यह डिजिटल नेटवर्क महिला सशक्तीकरण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरी

Milk: दूध की क्वालिटी बढ़ाएं तो मिलेगा अच्छा दाम, तरीका बेहद आसान है

नई दिल्ली. अगर आपसे कहा जाए कि कोई सामान खराब क्वालिटी का...

सदैव स्वस्थ एवं सुडौल शरीर वाले पशु ही खरीदना चाहिए.
डेयरी

Dairy Animal News: 15 दिनों में कमजोर डेयरी पशु हो जाएगा तंदुरुस्त, बस करें ये काम

नई दिल्ली. यदि आप डेयरी फार्मिंग का बिजनेस करते हैं और दूध...

कंकरेज नस्ल के मवेशी तथा जाफराबादी, नीली रावी, पंढरपुरी और बन्नी नस्ल की भैंसों को शामिल किया गया है. इसमें रोग मुक्त हाई जेनेटिक वाले सांडों को पंजाब सहित देश भर के वीर्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाता है.
डेयरी

Milk Production: पशु को सिर्फ गुड़ खिलाने से नहीं बढ़ सकता है दूध उत्पादन, ये काम भी करना होगा

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग करने वाले किसान इस बात को जानते ही...

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
डेयरी

Animal Husbandry News: बच्चा पैदा होने के बाद पशु अचानक से बैठ जाए तो समझ लें खतरा है

नई दिल्ली. मिल्क फीवर पशुओं के लिए बेहद ही खतरनाक है. क्योंकि...