नई दिल्ली. यदि आप डेयरी फार्मिंग का बिजनेस करते हैं और दूध बेचकर कमाई कर रहें तो ये रिपोर्ट आपके लिए ही है. क्योंकि आपको पता होना चाहिए कि पशु जब कमजोरी का शिकार होता है तो इससे दूध उत्पादन में कमी स्वाभाविक है. इससे डेयरी का बिजनेस घाटे में जा सकता है. जबकि डेयरी बिजनेस में सबसे ज्यादा कमाई दूध उत्पादन से ही होती है. जितना ज्यादा दूध का उत्पादन उतनी ज्यादा कमाई. इसलिए पशुओं की बीमारी तो छोड़िए उसकी कमजोरी भी नुकसानदायक साबित हो सकती है.
पशुओं की बीमारी दूर करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं. यदि गाय या भैंस कमजोर लग रही है, तो पहले यह समझाना जरूरी है कि कमजोरी का कारण क्या है. बिना कारण पता किए पशु की कमजोरी को दूर नहीं किया जा सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि पशु की कमजोरी की वजह अलग-अलग हो सकती है. इसलिए उसकी पहचान जरूर से कर लें.
पशु चिकित्सक से करवाएं जांच
इसकी वजह पोषण की कमी, पेट के कीड़े, बीमारी, बुखार या प्रसव के बाद की कमजोरी हो सकती है.
यदि पशु कई दिनों से खाना कम खा रहा है, तेज बुखार है, या अचानक बहुत कमजोर हो गया है, तो पशु चिकित्सक से जांच करवाना सबसे सही रहेगा.
वैसे कमजोरी दूर करने का घरेलू नुस्खा भी है. आप पशु को गुड़ 250-500 ग्राम, मेथी दाना 50 ग्राम, अजवाइन 30-50 ग्राम, चना दाल या भीगा हुआ चना 500 ग्राम,
मिनरल मिक्सचर 50-60 ग्राम दें इससे फायदा मिलेगा.
एक्सपर्ट का कहना है कि इस चीजों को पशु को संतुलित आहार के साथ दिन में एक बार 10-15 दिनों तक देने से पशु की कमजोरी दूर की जा सकती है.
वहीं पशु ओ रोज भरपूर साफ और ताजा पानी उपलब्ध कराएं.
हरा चारा, सूखा चारा और संतुलित दाना सही मात्रा में दें.
नमक (40-50 ग्राम) और मिनरल मिक्सचर नियमित रूप से दें.
यदि 3-4 महीने से पेट के कीड़ों की दवा नहीं दी है, तो पशु चिकित्सक की सलाह से कृमिनाशक दवा दें.
निष्कर्ष
अगर पशु दूध देने वाला है या फिर गर्भवती है तो या फिर हाल ही में बच्चा देने वाला है तो कमजोरी का कारण अलग हो सकता है. ऐसे में सही इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी. पशु चिकित्सक से सलाह लें इसके बाद कुछ उपाय करें. खुद से उपाय करने से नुकसान भी हो सकता है.










