नई दिल्ली. डेयरी पशु यानि गाय-भैंस यदि दूध का उत्पादन कम करने लगे तो इससे डेयरी फार्मिंग में डेयरी किसानों को नुकसान होने लगता है. इसलिए बेहद ही जरूरी है कि पशु का दूध उत्पादन कम न हो बल्कि बढ़ता रहे. वहीं इसका एक दूसरा पहलू ये भी है कि अगर गाय-भैंस दूध उत्पादन करे लेकिन उसमें फैट कम हो तो दूध का दाम अच्छा नहीं मिलता है. दूध का बेहतर दाम लेने के लिए दूध के अंदर फैट और एसएनएफ की जरूरी मात्रा भी होनी चाहिए. तभी आप डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में भरपूर फायदा उठा सकते हैं.
जिस तरह से पशु का दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई जतन करना पड़ता है. ठीक उसी तरह से दूध में फैट बढ़ाने के लिए कई काम करना होता है. यदि आप इन बातों को जानना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट से आपको काफी मदद मिल सकती है.
क्या उपाय करना है, जानें यहां
▶️ संतुलित आहार (TMR – Total Mixed Ration) यानि हरा और सूखा चारा दें.
▶️ हरा चारा 60 फीसद और उसमें सूखा चारा 40 परसेंट मिलाएं.
▶️ ये लार बनाने और फैट बढ़ाने के लिए जरूरी है.
▶️ अनाज का मिश्रण भी जरूरी है. मक्का, जौ, गेहूं, चोकर और दालों की चूरी भी पशु को खिलाना जरूरी होता है.
▶️ फैट बढ़ाने के विशेष उपाय में बिनौला और खल से फैट में सीधा सुधार होता है.
▶️ वहीं पशुओं को मीठा सोडा दिया जाए तो ये पेट की एसिडिटी कम कर फैट बढ़ाता है.
▶️ बाइपास फैट दूध और फैट दोनों बढ़ाता है, स्वास्थ्य सुरक्षित रखता है.
▶️ खनिज और विटामिन (Mineral Mixture) रोजाना 50-100 ग्राम दें.
▶️ कैल्शियम हड्डियों और दूध की मात्रा के लिए जरूरी है.
▶️ खिलाने के सही तरीके की बात करें तो नियमित समय रखें.
▶️ इससे तनाव कम होता है और दूध बढ़ता है.
▶️ साफ पानी भी पिलाएं. 1 लीटर दूध के लिए 4-5 लीटर पानी की जरूरत होती है.
▶️ डीवर्मिंग यानि कीड़े की दवा हर 3-4 महीने में दें.
▶️ पशु को तनाव मुक्त वातावरण देने के लिए ठंडी, हवादार जगह पर बांधें.
▶️ पशु को साफ और पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध कराएं.
▶️ संतुलित दाना और मिनरल मिक्स्चर दें.
▶️ स्वच्छ और ताजा पानी पर्याप्त मात्रा में दें.
▶️ पशुओं को सूखा, साफ और हवादार शेड दें.
▶️ शेड और आसपास की सफाई नियमित करें.
▶️ फफूंदयुक्त चारा बिल्कुल न खिलाएं.
निष्कर्ष
इन उपायों को आजमाने से पशु का दूध उत्पादन भी बढ़ जाएगा और फैट भी बढ़ जाएगा. नियमित रूप से इन्हें करते रहें.











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