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Fish Farming: मछली पालन से किसानों की बढ़ेगी इनकम, सरकार ने योजना के तहत मांगे आवेदन

Under PMMSY, the activities such as sea ranching and installation of artificial reefs are supported for the first time by the Government across entire coastline of India for enhancing the fish stocks and supporting livelihood of fishers.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. बिहार में मछली पालन से किसानों की इनकम को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. उन्हीं योजनाओं में से एक और योजना डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की तरफ से संचालित की जा रही है. इस योजना का नाम मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना है. मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना समेकित के जरिए बेकार पड़ी भूमि का उपयोग संभव हुआ है. इससे समेकित मछली पालन के द्वारा लागत घटी है और आमदनी बढ़ गई है. जबकि योजना केे जरिए रोजगार के अवसर भी खुले हैं.

पहले हो चुके फायदे को देखते हुए बिहार सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए “मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना” के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस योजना के जरिए सरकार राज्य में बड़े पैमाने पर उपलब्ध निजी चौर भूमि को मछली आधारित समेकित जलकृषि के लिए विकसित करना चाहती है. जिससे इस्तेमाल में न आने वाले चौर संसाधनों में मछली पालन के साथ-साथ कृषि, बागवानी और कृषि वानिकी का उपयोग कर उत्पादन और उत्पादकता में इजाफा किया जाए.

चौर विकास के मॉडल, के बारे जानें
▶️ एक हेक्टर रकबा में दो तालाब का निर्माण किया जाता है. इसकी लागत 8.88 लाख प्रति हेक्टेयर आती है.

▶️ एक हेक्टेयर रकबा में चार तालाब का निर्माण भी किया जाता है. जिसकी लागत 7.32 लाख प्रति हेक्टेयर आती है.

▶️ वहीं एक हेक्टर रकबा में एक तालाब का निर्माण एवं भूमि विकास की लागत 9.69 लाख प्रति हेक्टेयर आती है.

▶️ सभी वर्ग के लोगों को इस योजना के जरिए 50 प्रतिशत और उद्यमी आधारित चौर विकास में 40 प्रतिशत अनुदान सरकार देती है.

▶️ योजना के तहत चौर विकास के लिए “लाभुक आधारित चौर विकास” और “उद्यमी आधारित चौर विकास” का संचालन किया जाना है.

▶️ जरूरी कागजात में व्यक्तिगत या समूह लाभुकों के द्वारा खुद का प्रमाणित दो पासपोर्ट साइज फोटो देना होगा.

▶️ आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, समूह में कार्य करने की सहमति पत्र, उद्यमी या फायदा लेने वाले के द्वारा देना पड़ेगा.

▶️ जबकि निबंधन प्रमाण-पत्र, विगत तीन वर्षों का लेखा—जोखा और आयकर रिर्टन, पैन कार्ड, जीएसटी देना होगा.,

▶️ इसी तरह भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र, लीज एकरारनामा, मछली प्रशिक्षण और मछली आधारित उद्यम में जिसका अच्छा अनुभव होगा उसे चयन में प्राथमिकता दी जाएगी.

आवेदन की प्रक्रिया
▶️ योजना के लिए आवेदन https://fisheries.bihar.gov.in/ पर ऑनलाइन (Online) प्राप्त किए जायेंगे.

▶️ इस योजना की अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ahd/Citizen Home.html पर मौजूद है.

Written by
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