Home डेयरी Desi Ghee: गाय के दूध का नहीं, घी का करें बिजनेस, होगी तगड़ी कमाई
डेयरी

Desi Ghee: गाय के दूध का नहीं, घी का करें बिजनेस, होगी तगड़ी कमाई

livestock animal news
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. अगर आप गाय पालन करते हैं तो दूध की जगह देसी घी बनाकर तगड़ी कमाई कर सकते हैं. असल में बाजार में शुद्ध A2 वैदिक बिलोना घी की डिमांड काफी ज्यादा रहती है. इसे शुद्ध माना जाता है और पौष्टिक भी. इसलिए कस्टमर 1500 और उससे ज्यादा भी प्रति एक किलो के लिए चार्ज देने को तैयार हो जाते हैं. डेयरी एक्सपर्ट कहते हैं कि गिर, साहिवाल या थारपारकर जैसी गायों के दूध से पहले दही जमा कर फिर उसे लकड़ी की मथनी से मथ कर बिलौना विधि से मक्खन निकाला जाता है और धीमी आंच पर पकाया जाता है. इसलिए इसका रेट भी ज्यादा होता है.

डेयरी एक्सपर्ट कहते हैं कि यदि कोई पशुपालक भाई देसी घी का बिजनेस करना चाहता हैं तो अपनी लागत के हिसाब से रेट तय कर सकते हैं. आमतौर पर सामान्य क्रीम सेपरेटर मशीन द्वारा बने घी की मार्केट कीमत 700 से 900 रुपए प्रति किलो के बीच रखी जाती है. वहीं आपके पास गायों की संख्या कम है तो छोटे स्तर पर भी इस काम को शुरू करके आसपास के इलाकों में देसी घी बेचकर कमाई कर सकते हैं.

कैसे शुरू करें बिजनेस
यदि आप भी देसी घी का व्यवसाय करना चाहते हैं तो इसके लिए छोटे स्तर पर घर पर ही दूध या मलाई खरीद कर घी तैयार कर सकते हैं और स्थानीय स्तर पर जान पहचान के लोगों को बेच सकते हैं.

दूध सीधे पशुपालक की डेयरी से लेकर आएं और क्रीम सेपरेटर मशीन का उपयोग करके निकालें. यह मशीन कम समय में दूध से क्रीम अलग कर देती है.

हालांकि बिजनेस को शुरू करने के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है.

यदि आपका टर्नओवर 12 लाख सालाना से कम है तो बेसिक एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन करीब 100 रुपए के शुल्क के साथ कर सकते हैं.

हालांकि बड़े स्तर पर काम करने पर स्टेट लेवल या सेंट्रल लेवर पल लाइसेंस की जरूरत होती है.

वहीं अपने इस बिजनेस को कानूनी पहचान दिलाने के लिए सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम एमएसएमई से रजिस्ट्रेशन भी कराया जा सकता है.

अगर आपका बिजनेस एक तय सीमा से आगे बढ़ जाता है तो आप बड़े स्टोर पर या ऑनलाइन सप्लाई भी कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए जीएसटी नंबर की जरूरत पड़ेगी.

आप चाहें तो शुद्ध देसी घी A2 पारंपरिक बिलौना विधि से बनाएं और इसकी मांग बाजार में अच्छी होती है.

इसके बाद पैकेजिंग अच्छी रखकर एफएसएसआई नंबर और निर्माण तिथि और शुद्धता का विवरण देकर आसानी से इसे बेच सकते हैं.

इसके लिए लोकल किराना स्टोर, ऑर्गेनिक फूड आउटलेट्स से टाइअप करें या फिर सोशल मीडिया व्हाट्सएप के जरिए बिजनेस को बढ़ाएं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Related Articles

Livestock Health and Disease Control Programme (LHDCP): to provide for prophylactic vaccination against animal diseases, capacity building of veterinary services, disease surveillance, and strengthening veterinary infrastructure.
डेयरी

Milk Production: सिक्किम में 79 फीसद बढ़ गया दूध उत्पादन, हर दिन 2.45 लाख लीटर हो रहा प्रोडक्शन

नई दिल्ली. सिक्किम में डेयरी सेक्टर में कई काम हुए हैं. जिसका...

डेयरी

Dairy News: सिक्किम में स्वदेशी पशु नस्लों का होगा संरक्षण, सहकारी समितियां होंगी मजबूत

नई दिल्ली. सिक्किम के मंगन में नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट मिल्क यूनियन (NDMU) में...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरी

Milk Production: सस्ती और आसानी से मिलने वाली चीजों से ठंड में बढ़ाएं पशुओं का दूध उत्पादन

नई दिल्ली. अक्सर पशुपालक भाई अपने डेयरी पशुओं के दूध के उत्पादन...