नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने युवा वेटनरी डॉक्टरों को जानवरों को परखने (जजिंग) की कला और विज्ञान में प्रशिक्षित करने और जानवरों के चयन व नस्ल सुधार में इसके महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से एक ‘एनिमल जजिंग प्रतियोगिता’ आयोजित की. इस प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इसमें 19 टीमें शामिल थीं, जिनमें कुल 57 अंडरग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्र थे. हर टीम ने एक ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र से मिले इनपुट के आधार पर तैयार किए गए नस्ल-विशिष्ट स्कोर कार्ड का उपयोग करके मुर्रा भैंसों, नीली-रावी भैंसों और होल्स्टीन फ्रिसियन (HF) मवेशियों का मूल्यांकन किया.
स्कोर कार्ड में नस्ल-विशिष्ट महत्वपूर्ण विशेषताओं और जजिंग के पैमानों को शामिल किया गया था, जिससे प्रतिभागियों को जानवरों का व्यवस्थित रूप से आकलन और स्कोर करने में मदद मिली. इस प्रैक्टिकल अभ्यास ने छात्रों को नस्ल की विशेषताओं और जानवरों की शारीरिक बनावट (conformation) के बारे में अपने ज्ञान को लागू करने का अवसर दिया, साथ ही अवलोकन, तुलनात्मक मूल्यांकन और निर्णय लेने में उनके कौशल को विकसित किया.
सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा
वाइस-चांसलर डॉ. जेपीएस गिल ने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ये एक सकारात्मक काम है.
इससे कुशल एनिमल जज (जानवरों को परखने वाले) की टीम तैयार करने की दिशा में उच्च क्षमता वाले जानवरों के चयन और नस्ल सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है.
एक्सटेंशन एजुकेशन के निदेशक डॉ. आर. एस. ग्रेवाल ने कहा कि प्रजनन और उत्पादन के उद्देश्यों के लिए वांछित गुणों वाले जानवरों की पहचान करने में एनिमल जजिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
उन्होंने जोर दिया कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों को जानवरों के मूल्यांकन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और उन्हें सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करती हैं. जिससे आनुवंशिक चयन और पशुधन नस्लों के सुधार में योगदान मिलता है.
इस प्रतियोगिता ने छात्रों को कक्षा की पढ़ाई से हटकर मूल्यवान व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा व पेशेवर सीख को बढ़ावा दिया.
यह कार्यक्रम फैकल्टी सदस्यों की एक समर्पित टीम की देखरेख में आयोजित किया गया, जिन्होंने जजिंग और इसके सुचारू संचालन के लिए अन्य व्यवस्थाओं का समन्वय किया.
विजेता टीमों को यूनिवर्सिटी द्वारा 18-19 सितंबर, 2026 को आयोजित होने वाले आगामी ‘पशु पालन मेला’ के दौरान सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा.
यह सम्मान उनके प्रदर्शन को मान्यता देगा और छात्रों को एनिमल जजिंग, चयन और नस्ल सुधार में अपनी विशेषज्ञता को और विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा.










