Home पशुपालन Animal Husbandry: राजस्थान में चैटबॉट के जरिए हो रहा है पशुओं का इलाज, पढ़ें इसके फायदे
पशुपालन

Animal Husbandry: राजस्थान में चैटबॉट के जरिए हो रहा है पशुओं का इलाज, पढ़ें इसके फायदे

रिकॉर्ड बनाने वाली राधा.

नई दिल्ली. राजस्थान में पशुपालन विभाग ने तकनीकी नवाचार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बीमार पशुओं के उपचार के लिए ‘चैटबॉट प्रणाली’ की शुरुआत की है. इस अनूठी पहल से अब पशुपालक अपने पशुओं की बीमारी, लक्षण और संबंधित समस्याओं की जानकारी सीधे विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों तक ले रहे हैं और उनका तुरंत इलाज हो रहा है. पिछले छह महीने के दौरान प्रदेश में 82713 पशुपालक इस माध्यम से जुड़ कर सलाह ले चुके हैं और 65490 पशुओं को चिकित्सकीय सहायता दी जा चुकी है.

केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने पशुपालन विभाग राजस्थान के इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों में विस्तारित करने योग्य बताया. बघेल ने राजस्थान सरकार के इस नवाचार के लिए सीएम भजनलाल शर्मा व पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों के लिए भी चैटबॉट मॉडल को अपनाने की बात कही है.

मुत्युदर में आई है कमी
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राजस्थान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ पशुपालन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है.

चैटबॉट जैसी तकनीकी पहलें पशुपालकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं. हमारा लक्ष्य है कि हर पशुपालक को घर बैठे चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो.

विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में चैटबॉट प्रणाली को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने की योजना है, जिससे पशुओं की बीमारियों का त्वरित विश्लेषण और निदान और भी सटीक हो सकेगा.

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी राजस्थान के 1962 चैटबॉट मॉडल की सराहना करते हुए इस मॉडल को अपने प्रदेश में अपनाने का निर्णय लिया है.

इस संबंध में कृषि, पशुपालन, डेयरी डवलपमेंट एवं मत्स्य विभाग के उप सचिव एमबी माराले ने महाराष्ट्र में संचालित 1962 महापशुधन संजीवनी एप के माध्यम से राजस्थान की तर्ज पर वाट्सएप चैटबॉट की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं.

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ आनंद सेजरा के अनुसार, चैटबॉट प्रणाली ने पशु उपचार सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाया है.

इससे न केवल उपचार की प्रक्रिया में तेजी आई है बल्कि पशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है.

पशुपालन विभाग के इस अभिनव प्रयास से प्रदेशभर में पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है. चैटबॉट के माध्यम से ग्रामीण अंचलों से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक के पशुपालक विभाग से सीधे संवाद स्थापित कर पा रहे हैं.

पशु चिकित्सक ऑनलाइन माध्यम से न केवल परामर्श दे रहे हैं बल्कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सालयों को तुरंत सूचना देकर मौके पर इलाज की व्यवस्था भी कर रहे हैं.

निष्कर्ष
यह पहल राजस्थान को डिजिटल पशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

कीड़े बकरे के पेट में हो जाएं तो उसकी ग्रोथ रुकना तय है.
पशुपालन

Goat: सांस लेने में तकलीफ है, बकरी कुछ खा नहीं रही है तो उसे है अफरा

नई दिल्ली. बकरी पालन करने वाले पशुपालक इससे अच्छी कमाई कर लेते...

पशुपालन

Cow: यूपी में हजारों गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के...

पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन में वैज्ञानिक प्रगति और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत

नई दिल्ली. भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) के तहत...