नई दिल्ली. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना ने पंजाब में बकरी के दूध से बने पनीर (शेवर) के बनाने और प्रचार के लिए ग्रीन पॉकेट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर साइन किया है. इस एमओयू पर ग्रीन पॉकेट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ भूपिंदर सिंह बराड़ और पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. पीएस. बराड़ ने हस्ताक्षर किए. इस समझौता ज्ञापन को कुलपति डॉ. जेपीएस गिल, डेयरी और खाद्य विज्ञान प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. एसके उप्पल, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.एस. ग्रेवाल और विश्वविद्यालय के अधिकारियों की मौजूदगी में साइन किया गया.
इसके तहत विश्वविद्यालय अपने डेयरी और खाद्य विज्ञान प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के माध्यम से तकनीकी जानकारी, व्यावहारिक प्रशिक्षण, परामर्श और एक साल की इनक्यूबेशन सहायता प्रदान करेगा. इस सहयोग का मकसद ‘शेवर चीज’ निर्माण को बढ़ावा देना, बकरी दूध प्रोसेसिंग में उद्यमिता को बढ़ावा देना और पंजाब में आजीविका विविधीकरण के लिए बकरी पालकों को मूल्यवर्धित बाजार के अवसर प्रदान करना है.
बढ़ेगी बकरी पालकों की आजीविका
डॉ. जेपीएस गिल ने इस पहल के लिए टीम को बधाई दी और पंजाब के पशुधन क्षेत्र में विविधता लाने में बकरी उद्यमियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने कहा, “यह सहयोग वैज्ञानिक इनोवेशन को उद्यमिता से जोड़ने के विश्वविद्यालय के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है.
बकरी पनीर में घरेलू और निर्यात की प्रबल संभावनाएं हैं और यह पहल किसानों और पशुधन उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलेगी.”
डॉ. आर. एस. ग्रेवाल ने कार्यान्वयन के लिए पूर्ण संस्थागत समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि विश्वविद्यालय पूरे प्रशिक्षण और इनक्यूबेशन अवधि के दौरान मार्गदर्शन और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा.
डॉ. एसके उप्पल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पहल पशुधन उद्योग में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने और कुशल जनशक्ति विकसित करने के विश्वविद्यालय के मिशन के अनुरूप है.
भूपिंदर सिंह बरार ने यूनिवर्सिटी के सहयोग और तकनीकी सहायता की सराहना की. उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में, ग्रीन पॉकेट्स प्राइवेट लिमिटेड का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बकरी पनीर का उत्पादन करना और राज्य में बकरी पालकों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करना है.”












