Home डेयरी Dairy: हरे चारे की उपज को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए, जानें यहां
डेयरी

Dairy: हरे चारे की उपज को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए, जानें यहां

कोंगो सिग्नल घास

नई दिल्ली. हरा चारा आमतौर पर खेतों से हासिल किया जाता है. हरा चारा कृषि योग्य भूमि पर ही हरा चारा उगाया जाता है, जिससे 40 टन से लेकर 100 टन प्रति हेक्टेयर वार्षिक उपज हासिल होती है. हालांकि ये उपज काफी हद तक चारे पर उसकी क्वालिटी पर और बुवाई के तरीके आदि पर निर्भर करती है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एनडीडीबी का कहना है कि देश में औसत चारा उपज कम है. इसे बढ़ाने की जरूरत है. ताकि पशुओं को हरे चारे की कमी न हो. क्योंकि पशुओं के लिए हरा चारा बेहद ही अहम होता है.

एडीडीबी का कहना है कि अनुपलब्धता को देखते हुए कुछ उपायों को करने की आवश्यकता है. लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को दी गई जानकारी के मुताबिक उपलब्ध भूमि से हरे चारे का उत्पादन बढ़ाना और नुकसान को कम से कम करते हुए चारे की उपलब्धता को बढ़ाया जा सकता है.

हरा चारा उत्पादन एवं उपलब्धता बढ़ाने के क्या हैं तरीके

अधिक उपज देने वाली प्रजातियां संकर जातियों के उन्नत बीजों का प्रयोग करें.

उत्पादन की संस्तुत विधियों का कृषि में इस्तेमाल करें.

उचित फसल चक्र का उपयोग करना चाहिए.

कम अवधि वाली चारा फसलों (सूरजमुखी, सरसों, शलजम) को बदलते हुए मौसम के अन्तराल में लगाना चाहिए.

चारे की गुणवत्ता तथा जमीन की उर्वरता को बढ़ाने के लिए दलहनी और अदलहनी फसलों को बदल-बदल कर या मिला कर बोएं.

पूरे वर्ष हरा चारा प्राप्त करने के लिए बहुवर्षीय घासों जैसे संकर नेपियर बाजरा, गिनी घास को 15 से 20 प्रतिशत बुवाई योग्य क्षेत्र में लगाएं.

चारे की कम उपलब्ध वाली अवधि के दौरान, चारा प्राप्ति हेतु फार्म की चारदीवारी पर चारे के वृक्षों या झाड़ियों को लगाएं.

अधिकतम पोषक तत्त्व प्राप्त करने के लिए चारे को उपयुक्त अवस्था में काटें.

कमी के दौरान हरे चारे की उपलब्धता को सुनिश्चित करने एवं अधिशेष हरे चारे को हानि से बचाने के लिये और साइलेज बनाने के लिए आधुनिक पद्धतियों का प्रयोग करें.

चारा की बर्बादी कम-से-कम करने के लिए कुट्टो काटने की मशीन का इस्तेमाल करें.

निष्कर्ष
हरे चारे की डेयरी फार्मिंग में बहुत अहमियत है. इसलिए इस बात का ध्यान दें कि हरे चारे की कमी न हो पाए. ताकि डेयरी फार्मिंग में नुकसान न उठाना पड़े.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy Sector: बिहार समेत पांच राज्यों में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर 4 फॉर्मूले पर होगा काम

नई दिल्ली. डेयरी के बिजनेस के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाने...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

MP Dairy News: 26 हजार गांवों से दूध संकलन का बनाया टारगेट, पांच साल में पूरा होगा ये लक्ष्य

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को देश की अग्रणी ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप...

डेयरी

Dairy News: अब पहले से मजबूत होगी सांची ब्रांड की गुणवत्ता और उपभोक्ता सेवा

नई दिल्ली. सांची ब्रांड की गुणवत्ता, सुरक्षित दुग्ध परिवहन और उपभोक्ता सेवाओं...

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
डेयरी

Dairy: मध्य प्रदेश में हर दिन 9.75 लाख लीटर दूध का हो रहा है कलेक्शन

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल...