Home पशुपालन Animal अब सिर्फ 100 रुपये खर्च करके करा सकते हैं मादा पशु का जन्म, यहां पढ़ें इस तकनीक के बारे में
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Animal अब सिर्फ 100 रुपये खर्च करके करा सकते हैं मादा पशु का जन्म, यहां पढ़ें इस तकनीक के बारे में

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले पशुपालकों ने सेक्स सॉर्टेड सीमन के बारे में जरूर सुना होगा. अगर नहीं जानते हैं तो आइए हम आपको यहां बताने जा रहे हैं. सेक्स सॉर्टेड सीमन को आम बोलचाल की भाषा में समझा जाए तो इसे फीमेल लिंग का चयन करना कह सकते हैं. दरअसल, इस सिस्टम के तहत ‘लिंग चयनित’ सीमन कलेक्ट करके इसका इस्तेमाल मवेशियों और भैंसों के लिए कृत्रिम गर्भाधान (एआई) में किया जाता है ताकि 90 फीसदी से अधिक मामले में चयनित लिंग (मादा) का उत्पादन किया जा सके.

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सेक्सड सॉर्टेड सीमन की हर एक स्ट्रा दर पशुपालकों के लिये 100 रुपये की निर्धारित की गई है. ये कहा जा सकता है कि अब 100 रुपये में कोई भी पशुपालक मादा पशु का जन्म करा सकता है. हालांकि 10 फीसदी मामलों में ये सिस्टम फेल भी हो जाता है लेकिन अधिकतर केसेस में सफलता मिली है. इसके चलते इसकी खासी चर्चा है. मध्य प्रदेश सरकार की ओर इसको लेकर गाइडलाइन जारी की गई है. बताते चलें कि केंद्रीय सीमन संस्थान भदभदा भोपाल में सीमन उपलब्ध है.

बाजार में 1500 रुपये में उपलब्ध है
आपकी जानकारी के लिए ये बता दें कि सेक्सड सॉर्टेड सीमन वैसे तो बाजार में 1500 रुपये का स्ट्रा मिलता है. इसेके चलते बहुत से पशुपालक इसे नहीं खरीदते हैं. जबकि नार्मल एआई कराने पर 70 फीसदी ही रिजल्ट पॉजिटिव आता है. इसके चलते भी ये पशुपालकों के बीच उतना ज्यादा प्रभावी नहीं है. हालांकि अगर ये 100 रुपये में पशुपालकों को उपलब्ध होगा तो फिर पशुपालकों के लिए इसका इस्तेमाल करवाना सस्ता होगा और पशुपालक इस सिस्टम को अपनाएंगे भी. जिसका फायदा भी उन्हें होगा और 90 फीसदी तक वो फीमेल मादा पा सकेंगे.

जल्द 300 रुपये में उपलब्ध होगा सीमेन
जैसा कि आपको बताया गया है कि केंद्रीय सीमन संस्थान भदभदा भोपाल में ये सीमन 100 रुपये में उपलब्ध है, तो वहीं एनडीडीबी की प्लानिंग है कि इसकी तर्ज पर पूरे देश में 300 रुपये में पशुपालकों के लिए इस सीमन को उपलब्ध करवा दे. एनडीडीबी की ओर से कहा जा चुका है कि सेक्सड सार्टेड सीमन बनाने वाली मशीन के देश के अन्य संस्थानों को भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इसका ज्यादा से ज्यादा उत्पादन किया जा सके और फिर बाजार में इसे 300 रुपये की दर पर बेचा जा सके.

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