Home पशुपालन Animal News: गाय-भैंस के मैला डालने की समस्या का होम्योपि​थिक दवाओं से कर सकते हैं इलाज, पढ़ें डिटेल
पशुपालन

Animal News: गाय-भैंस के मैला डालने की समस्या का होम्योपि​थिक दवाओं से कर सकते हैं इलाज, पढ़ें डिटेल

cow and buffalo farming
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. पशुओं में अक्सर वेजाइनल डिसचार्ज की समस्या देखने को मिलती है, तो उस कंडीशन में हम पशुओं को होम्योपैथिक दवा दे सकते हैं. इसका रिजल्ट हमें अच्छा देखने को मिलता है. पशुओं में फूल दिखाने की समस्या होती है. जिसकी वजह से वजाइनल डिसचार्ज होता रहता है. डिलीवरी के बाद भी पशु जेर अच्छे से नहीं डालता है और इन्फेक्शन के चलते मैला डालता रहता है. कई बार पशु डिलीवरी अच्छी होती है और उसके बावजूद पशु मैला डालता रहता है. कई बार मैला अलग-अलग कलर का होता है. कई बार लाल कलर होता है तो कई बार दूध के कलर का होता है.

इस कंडीशन में होम्योपैथिक दवा का इस्तेमाल करना चाहिए. जिससे पशु को किसी तरह की भी दिक्कत नहीं होगी और उसे आराम भी मिल जाएगा. ये जान लें कि गाय हो या भैंस, उसकी देखरेख करना बेहद जरूरी होता है. खास तौर पर जब वह बच्चा दे तब उसकी देखभाल अच्छे ढंग से की जाती है. तभी अच्छा दूध उत्पादन होता है. इसलिए हमें खास ख्याल रखना चाहिए. यहां ये बात भी जान लें कि दवा का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए. इस आर्टिकल का मकसद सिर्फ और सिर्फ आपको जानकारी देना है. इसलिए दवा देने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूरी संपर्क कर लें.

5 बूंद में पशुओं को हो जाएगा आराम
एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर हमारा पशु सफेद डिस्चार्ज करता है तो उसके लिए आप सबीना 200 का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस दवा को 5 बूंद पशु को देना है. आप पशु को हर घंटे इसको दे सकते हैं. अगर आप इसे 5 से 6 बार पशुओं को देते हैं तो इससे फायदा मिलेगा. इसे 2 से 3 दिन तक पशु को देने से काफी अच्छा रिजल्ट आपको देखने को मिलेगा. कई बार पशुओं में डिलीवरी प्लेसेंटा न डालने की समस्या भी होती है. उसके बाद सफेद डिस्चार्ज या ब्लड मिला हुआ डिस्चार्ज आता है. इस हालत में आप पशुओं को पलसेटिला 200 दवा दे दें. इससे पशुओं को फायदा होता है. इसको दिन में तीन बार इस्तेमाल करना चाहिए. 7 से 10 बूंद देना चाहिए, इससे अच्छा परिणाम देखने में मिलता है.

ब्लड मिला डिस्चार्ज आये तो ये दवा पिलाएं
वहीं जब पशु ब्लड मिला हुआ डिस्चार्ज डालता है तो उसके साथ-साथ पशु का शरीर वजाइना के माध्यम से दिखाई देता है, इसमें पशु जोर भी दिखाता है. इस कंडीशन में आपको सीकेल कार्टम 200 का इस्तेमाल करना है. इस दवा को कम से कम 5 से 6 दिन पशु को देना होगा. तीन दिन तक पशु को अगर यह दवा देते हैं तो पशु जोर लगाना बंद कर देगा. इसके अलावा आप पशु को मिश्रण वाली दवाव भी दे सकते सकता हैं. कई ऐसी कंपनियां है जो इन तीनों दावों को मिक्स करके बनाती है. आप उन्हें भी पशुओं को लेकर पिला सकते हैं. इसके लिए यूर्टजेन दवा दे सकते हैं. इसके अलावा प्रोलैप्स गो नाम की दवा भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
पशुपालन

World Veterinary Day: 2030 तक एफएमडी और ब्रूसेलोसिस बीमारी देश से हो जाएगी खत्म !

नई दिल्ली. सरकार पशुपालन को बढ़ावा देना चाहती है और इसमें सबसे...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal Husbandry: पशु के लिए सुरक्षा कवच है खनिज मिश्रण, आहार में प्रोटीन भी है अहम

नई दिल्ली. पशुपालन में अगर ज्यादा फायदा कमाना है तो इस बात...

पशुपालन

Animal News: पशु पॉलीथीन खा ले तो भूख न लगना और पेट दर्द जैसी समस्या होती है, जान भी जा सकती है

नई दिल्ली. अक्सर आपने बेसहारा पशुओं को सड़क किनारे पॉलीथीन में घरों...

livestock animal news
पशुपालन

Animal News: बछिया को तैयार करने के लिए सही तरह से करें देखभाल

नई दिल्ली. अगर आप पशुपालन कर रहे हैं और गाय या भैंस...