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Dairy Animal Disease: पशु की संक्रामक बीमारियां सेहत के साथ डालती हैं उत्पादन पर असर

दुधारू पशुओं के बयाने के संकेत में सामान्यतया गर्भनाल या जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद हो जाता है.
गाय-भैंस की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालन के काम में सबसे ज्यादा नुकसान पशुओं में होने वाली बीमारियों से ही होता है. इससे पशुओं की सेहत पर असर पड़ता है और पशु कमजोर हो जाते हैं. कई बार तो पशुओं की मौत भी हो जाती है. इससे एक झटके में पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ जाता है. वहीं कुछ केस में पशु का उत्पादन भी प्रभावित होता है. इससे डेयरी फार्मिंग के काम में नुकसान होना शुरू हो जाता है. कुल मिलाकर कहा जाए तो बीमारियां पशुपालन के लिए सही नहीं है और ये नुकसान लेकर ही आती हैं.

एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं की बीमारियों में सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियां होती हैं. इनसे पशुओं को बचाना बेहद ही जरूरी होता है. डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि संक्रामक बीमारियों के चलते पशुओं के उत्पादन से लेकर उनकी सेहत पर भी असर पड़ता है. इन बीमारियों की वजह से पशुओं को कई दिक्कतें होती हैं. आइए जानते हैं.

पशुओं में होने वाले संक्रामक रोग क्या है ?
सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर संक्रामक बीमारियां होती क्या हैं. बता दें कि संक्रामक रोग वो रोग हैं जो एक पशु से दूसरे में बहुत तेजी से फैलते हैं.

एक्सपर्ट कहते हैं कि इन बीमारियों का कारण वायरस (Virus), बैक्टीरिया (Bacteria), कवक (Fungi), या कीड़े (Parasites) हो सकते हैं.

ये बीमारियां संक्रमण, हवा, संक्रमित पानी, दूषित खाने, कीड़ों, संक्रमित उपकरणों या सीधे पशु-संपर्क से हो सकती है.

खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी
ये बीमारी ज्यादातर गाय, भैंस, बकरी जैसे खुर वाले पशुओं में होती है. ये बीमारी एक आम सी होने वाली बीमारी है लेकिन पशुओं को परेशान करती है.

इस बीमारी के लक्षण बुखार, मुंह और खुरों में छाले, लंगड़ापन है. इसके चलते डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में नुकसान होता है.

क्योंकि इस बीमारी के होने से दूध उत्पादन में गिरावट, पशु में कमजोरी आदि होती है.

गलाघोंटू (Hemorrhagic Septicemia) बीमारी के बारे पढ़ें

यह रोग मानसून के समय अधिक फैलता है.

इस बीमारी के प्रमुख लक्षण सूजन, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, अचानक मृत्यु आदि हैं.

ये बीमारी विशेषकर गाय और भैंस में और कभी-कभी मानव में भी फैल सकती है.

इस रोग के लक्षण भूख में कमी, गर्भपात, बाँझपन, बुखार आदि है.

निष्कर्ष
यदि इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और उनकी सलाह पर पशु का इलाज करना चाहिए.

Written by
Livestock Animal News Team

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