Home डेयरी Dairy Animal News: डेयरी पशुओं के दूध उत्पादन, फैट और प्रोटीन में सुधार के लिए उठाया ये बड़ा कदम
डेयरी

Dairy Animal News: डेयरी पशुओं के दूध उत्पादन, फैट और प्रोटीन में सुधार के लिए उठाया ये बड़ा कदम

ओमएयू साइन होने के दौरान मौजूद लोग.

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना ने डेयरी गायों में दूध उत्पादन और संरचना पर एमएफपी™ आहार पूरक के प्रभावों के अध्ययन पर एक सहयोगी परियोजना के लिए नोवस एनिमल न्यूट्रिशन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक ओएमयू साइन किया है. ये एमएफपी आहार पूरक मेथियोनीन की आपूर्ति बढ़ाता है जिससे दूध फैट और प्रोटीन उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है. इस ओएमयू पर रिसर्च डायरेक्टर डॉ. पीएस बरार और नोवस एनिमल न्यूट्रिशन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के क्षेत्रीय निदेशक (दक्षिण मध्य एशिया) डॉ. मनीष कुमार सिंह ने कुलपति डॉ. जे.पी.एस. गिल की उपस्थिति में साइन किए.

डॉ. जेपीएस गिल ने दोनों टीमों को बधाई दी और कहा कि “डेयरी पशुओं के लिए पोषण बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि यह दूध की पैदावार, संरचना और गाय के समग्र स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है.

पशुपालकों को होता है नुकसान
ये ओएमयू वैज्ञानिक नवाचार के माध्यम से पशु पोषण में व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए उद्योग-अकादमिक साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है.

“डॉ. मनीष कुमार सिंह ने कहा कि नोवस पशुओं को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने में मदद करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान पर आधारित नवीन और टिकाऊ पशु पोषण और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियाँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, निदेशक, वैज्ञानिक और नोवस के अधिकारी उपस्थित थे.

डॉ. जैस्मीन कौर ने बताया कि इस शोध का उद्देश्य दूध देने वाली गाय के आहार में 2-हाइड्रॉक्सी-4-(मिथाइलथियो) ब्यूटेनोएट (HMTBa अणु) का मूल्यांकन करना है. HMTBa एक मेथियोनीन अग्रदूत है और यह दूध उत्पादन, दूध वसा और प्रोटीन उत्पादन में सुधार करने और डेयरी गायों में दूध वसा अवसाद को कम करने के लिए जाना जाता है.

भारत में डेयरी किसानों के लिए दूध वसा एक गंभीर समस्या है, क्योंकि दूध में वसा की मात्रा कम होने से उन्हें मिलने वाली कीमत सीधे कम हो जाती हैं. जिससे उनकी आय और फायदा कम हो जाता है.

इस परियोजना का नेतृत्व पशु पोषण विभाग द्वारा किया जाएगा और नोवस एनिमल न्यूट्रिशन द्वारा 18.29 लाख रुपए के वित्त पोषण के साथ-साथ परीक्षण सामग्री के प्रावधान के साथ इसका समर्थन किया जाएगा.

पशु पोषण विभाग के प्रमुख डॉ. जे.एस. हुंदल ने बताया कि पशु पोषण विभाग इस शोध परियोजना को अपने हाथ में लेगा और इस प्रकार की शोध परियोजनाओं के लिए उसके पास पूरी क्षमता और सुविधाएं हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

amul milk snf
डेयरी

Amul: अमूल ने बढ़ाए दूध के दाम, आम जनता पर बढ़ा महंगाई का बोझ

नई दिल्ली. आम आदमी की जेब पर एक बार फिर से महंगाई...

डेयरी

Dairy: तेलंगाना में दूध की खरीद को बढ़ाने में सहयोग करेगा एनडीडीबी, सरकार से हुआ समझौता

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी...

पनीर असली है या नकली इसकी पहचान करने का सबसे पहला तरीका यह है कि पनीर के टुकड़े को हाथों से मसलकर देखें.
डेयरी

Dairy: डिटर्जेंट और यूरिया मिलाकर बना रहे पनीर, जांच करने पर नमूनों में मिली 97 फीसद तक मिलावट

नई दिल्ली. राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy Sector: पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी डेयरी नेटवर्क को विस्तारित करेगी सरकार

नई दिल्ली. अगर कहीं भी सरकार सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार करती...