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Dairy: डेयरी फार्मिंग में नुकसान नहीं चाहते तो पशु की ठंड से बचाव की अभी से शुरू कर दें तैयारी

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
प्रतीकात्मक फोटो. Live stockanimal news

नई दिल्ली. डेयरी एक्सपर्ट कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में दुधारू पशुओं की देखभाल, आवास प्रबंधन, आहार संतुलन और निमोनिया से बचाव के वैज्ञानिक उपायों को आजमाना जरूरी है. जिससे पशु की सेहत भी सही रहेगी और उसका उत्पादन भी बेहतर मिलेगा. एक्स्पर्ट के मुताबिक मौसम में ठंडक शुरू होते ही सबसे पहले पशुओं को पेट के कीड़ों (कृमि) की दवा पिलाएं. ताकि उन्हें कीड़े परेशान न कर सकें. वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इम्युनिटी सिरप (जैसे इम्यूनो सिरप) लगातार 5 दिनों तक 50-50 ml पिलाना भी बेहतर रहता है.

यदि डेयरी फार्म की छत एस्बेस्टस (करकट/टीन) की है, तो छत से 1 फीट नीचे बांस की जाली बनाकर उस पर पुआल (धान का पैरा/नरुआ) की अटियां बिछा दें, जिससे ऊपर से आने वाली ठंड काफी घट जाती है. वहीं शाम से लेकर सुबह तक की चलने वाली ठंडी हवा से पशु को बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर जूट के बोरे के पर्दे लगा दें. जब दोपहर में धूप निकले तो पर्दे ऊपर उठा दें ताकि ताजी धूप और गर्म हवा शेड में आ सके.

इन बातों का भी ध्यान दें
शेड को पूरी तरह सील न करें. थोड़ा खुला रखना आवश्यक है ताकि मूत्र और गोबर से बनने वाली हानिकारक अमोनिया गैस बाहर निकल सके और पशु बीमार न पड़ें.

फर्श की सफाई दिन में कम से कम दो बार करें. जहां पशु बैठते हैं, वहां फर्श पर पुआल, सूखा भूसा या पत्तियां बिछाएं ताकि उन्हें ठंड न लगे.

कड़ाके की ठंड पड़ने पर पशु के शरीर पर जूट का सूखा बोरा ओढ़ा दें.

ठंड में सुबह 9:00 बजे से पहले और शाम 4:00–5:00 बजे के बाद पशुओं को शेड से बाहर न निकालें. धूप निकलने पर ही बाहर बांधें.

सर्दियों में दाने में सरसों की खली (मस्टर्ड केक) या बिनौले की खल की मात्रा बढ़ाएं, जो शरीर में गर्मी बनाए रखती है.

दाने में कम से कम 2 फीसद मिनरल मिक्सचर (50 ग्राम प्रतिदिन) और 1 परसेंट नमक (सेंधा नमक) अनिवार्य रूप से मिलाएं. पशु को सप्ताह में दो बार गुड़ जरूर खिलाएं.

ठंड में किसान बरसीम, जई या दलहनी हरा चारा अधिक खिलाते हैं, जिससे पशुओं में अफरा (Tympanites/Bloat) और ठंड का असर बढ़ने लगता है.

इसलिए हरा चारा और सूखा चारा (भूसा) हमेशा 1:3 के अनुपात में मिलाकर ही खिलाएं.

निष्कर्ष
शाम का बचा ठंडा पानी सुबह पशुओं को न पीने दें. बासी व ठंडा पानी पीने से पशुओं को तुरंत निमोनिया और फेफड़ों का इन्फेक्शन हो जाता है. यहां बताई गई बातों का ध्यान रखते हैं तो इससे डेयरी फार्मिंग में मुनाफा बढ़ जाएगा.

Written by
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