नई दिल्ली. बिहार में भी पशुपालन को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है. ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान पशुपालन के काम में आगे आ सकें और दूध उत्पादन करके अपनी कमाई बढ़ा सकें. इसी क्रम में बिहार में 2022 से नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार देसी गोपालन प्रोत्साहन योजना चला रही है. जिसका फायदा पशुपालकों को सीधे तौर पर हो रहा है और उनकी इनकम बढ़ रही है. वहीं नए किसान पशुपालन के काम से जुड़ रहे हैं. जिससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ रही है बल्कि वो दूसरों को रोजगार भी मुहैया करा पा रहे हैं.
सरकार के डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (Department of Fisheries, Government of India) की ओर से बताया गया कि राज्य में देसी गौपालन प्रोत्साहन योजना संचालित हो रही है और इसका फायदा राज्य के तमाम पशुपालकों को मिल रहा है. सरकार की मंशा है कि राज्य में दूध उत्पादन और बढ़ाया जाए. जिसके लिए ये योजना बेहद कारगर साबित हो रही है.
कितनी मिलती है सब्सिडी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की इस हम योजना के तहत चार यूनिट वाले डेयरी फार्म को खोलने के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की जा रही है.
यानी आप छोटे स्तर से पशुपालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो चार गायों से डेयरी फार्मिंग का काम बिहार में शुरू कर सकते हैं.
सरकार की तरफ से डेयरी इकाई शुरू करने के लिए अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पशुपालकों और किसानों को कुल लागत का 75 फीसद सरकार की तरफ से अनुदान दिया जा रहा है.
वहीं बिहार सरकार सामान्य कैटेगरी के पशुपालकों और किसानों को 50 फीसद तक इस योजना के तहत सब्सिडी दे रही है.
इस योजना के बारे में मधेपुरा बभनी गांव के राजेश कुमार झा का कहना है कि इस योजना से जुड़ने के बाद उनकी इनकम में इजाफा हुआ है.
उन्होंने बताया की डेयरी फार्मिंग का काम शुरू करने से पहले और योजना से जुड़ने के बाद आमदनी में तीन गुना का इजाफा हुआ है.
वो डेयरी फार्म शुरू करके न सिर्फ वह आत्मनिर्भर बने हैं. बल्कि 4 से 5 लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया है.
निष्कर्ष
उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धन्यवाद भी दिया है. यदि आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो नजदीकी पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं और अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं.













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