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Dairy: दुधारू पशुओं की सेहत से लार का क्या जुड़ाव है, जानें यहां

गोवंश के लिए योगी सरकार ने समाज को भी इस अभियान का हिस्सा बनाते हुए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रखी हैं.
चारा खाती एफएफ गाय.

नई दिल्ली. पशुपालन में दुधारू पशु का स्वस्थ रहना बेहद ही जरूरी है. पशु स्वस्थ है या नहीं इसका पता कई तरह से लगाया जा सकता है. वहीं पशुओं के मुंह से गिरने वाली लार भी कई चीजों की तरफ इशारा करती है. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बिहार सरकार की मानें तो गाय के मुंह से लार आने के कई कारण हो सकते हैं. जिसमें कुछ सामान्य हैं. जैसे भोजन को चबाना, निगलना. कुछ बीमारियों के भी संकेत इससे मिलते हैं. जब बहुत ज्यादा लार गिरने लगे तो यह खुरपका और मुंहपका रोग के भी लक्षणों में से एक है.

आपको जानकारी के लिए बता देंगे जब दुधारू पशु भोजन को चबाने और निकालने की प्रक्रिया करते हैं तो इस दौरान बहुत ज्यादा लार उत्पादित होती है यह भजन चिकन और पाचन करने में मदद करती हैं पशु और मत्स्य संसाधन विभाग बिहार सरकार (Animal and Fisheries Resources Department, Government of Bihar) की माने तो कुछ मामलों में गए बिना किसी बीमारी के भी ज्यादा लाभ गिरते हैं और मुंह में जमा हो जाती है जिसे बाद में वह बाहर निकाल देती है

पशु चिकित्सक के पास कब जाना चाहिए
आपको बता दें कि कई बार एलर्जी और जहरीला पदार्थ खाने से भी तांत्रिक में कुछ दिक्कतें आती हैं. इसकी वजह से भी लार गिरने लगती है.

अगर पशु को ज्यादा लार गिरने लगे तो एक बार पशु चिकित्सा की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए. ताकि जरूरत पड़ने पर उचित उपचार किया जा सके.

आहार के प्रकार के अनुसार एक पशु में दिन में औसतन 40-150 लीटर लार बनाता है.

रूखा चारा खुरदरी लार के उत्पादन को बढ़ाती है. जबकि अधिक दाने युक्त आहार भी लार के उत्पादन को कम कर देता है.

लार का अधिक उत्पादन, लार का मुंह से गिरना एवं मुंह से झाग निकलना असामान्य लक्षण है.

इसके संभावित कारण सूखे चारे का ज्यादा उपयोग मुंह, जीभ में छाले, खुरपका, मुंहपका रोग, जहर खुरानी, रेबीज आदि हो सकता है.

शरीर में कम लार बनने में पशु में अप्रत्यक्ष अम्लता उत्पन्न होती है. जिससे उसके भोजन में कमी तथा वजन में गिरावट होती है.

निष्कर्ष
​पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बिहार के एनिमल एक्सपर्ट का कहना है पशुओं की लार पर भी नजर बनाए रखना बेहद ही जरूरी है. ताकि उनकी हैल्थ के बारे में पता लगाया जा सके.

Written by
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