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Farmer News: खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की खरीद पर मिल रही है सरकारी मदद, पढ़ें डिटेल

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. उत्तराखंड में किसानों को खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को खरीदने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. उत्तराखंड के देहरादून स्थित कृषि विभाग द्वारा संचालित जिला योजना के तहत किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रो पर अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के लिए एक अक्टूबर से आवेदन किया जा रहा है. आवेदन सात अक्टूबर तक ऑनलाइन मोड में https://agridehradun.com के जरिए किया जा सकता है. यदि आप भी सब्सिडी लेना चाहते हैं तो ये आपके पास बेहतरीन मौका है. जिससे मशीनें आपको कम कीमत पर मिल जाएंगी.

किसानों को अपनी इच्छानुसार वैबपेज https://agridehradun.com के माध्यम से या फिर क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन कर पोर्टल का लिंक हासिल करते हुए आवश्यकता के अनुसार तमाम कृषि यंत्रों में से किसी 1 यंत्र का चयन कर पंजीकरण करना होगा. किसानों को योजना का फायदा “पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा. इसलिए जल्द से जल्द आवेदन करें.

किसे मिलेगी सब्सिडी पढ़ें इसकी शर्तें
सबसे पहले किसानों को कृषि यंत्र के आवेदन हेतु https://agridehradun.com पर अपना पंजीकरण करना होगा.

किसान बन्धुओं को पंजीकरण करते समय अपना आधार कार्ड, भू-अभिलेख (खतौनी) की प्रति, जाति प्रमाण-पत्र (अनुसूचित जाति एव अनुसूचित जनजाति के किसान होने की दशा में) की स्कैन्ड प्रतिया पीडीएफ, जेपीजी, जेपीईजी, पीएनजी के माध्यम से जरूरी डिटेल भरना होगा. इसके बााद 15 अंकों का एक यूनिक रजिस्ट्रेशन आईडी हासिल होगी.

एक किसाना केवल एक ही मशीन के लिए आवेदन कर सकता है. आवेदक के नाम कृषि योग्य भूमि भू-अभिलेखों (खसरा खतौनी) में दर्ज होना जरूरी है. ट्रैक्टर से चलने वाली मशीन के लिए आवेदन करने वाले किसान खुद के नाम कृषि काम के लिए ट्रैक्टर होना चाहिए.

किसानों द्वारा कृषि मशीनों के लिए 3 वर्ष में कृषि विभाग से आवेदन किए हुए यंत्र पर ऑनलाइन, ऑफलाईन मोड से अनुदान हासिल नहीं होना चाहिए. चालू वित्तीय वर्ष में एसएमएएम योजना के तहत एग्री मशीनरी पोर्टल के माध्यम से यंत्रीकरण का फायदा लेने वाले किसानों को जिला योजना के तहत फायदा नहीं मिलेगा. इसका शपथ पत्र उन्हें देना होगा.

किसानों का आवेदन जमा होने के बाद पंजीकृत किसानों की सूची विकासखंड, सम्बन्धित विकासखंड प्रभारी (कृषि), सम्बन्धित कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, रायपुर, चकराता, सहसपुर के कार्यालय नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जायेगा.

पात्र किसानों द्वारा 7 दिनों के अंदर विभागीय पंजीकृत डॉलर से स्वेच्छा से किसान खरीद कर विभाग को सूचित करेगा. देर की स्थिति में आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा और आवेदन खारिज व निरस्त होने के बाद किसान उसी यंत्र के लिए उक्त योजना में चालू वित्तीय वर्ष में कोई आवेदन नहीं कर पाएंगे. मशीन का भौतिक, स्थलीय सत्यापन कृषि विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा किया जायेगा.

समूह में ऐसे कृषि यंत्र न प्रस्तावित किया जाएं, जो एसएमएएम की गाइडलाइन में दर्ज न हो. योजना का फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए ऐसे ग्राम पचांयतो को प्राथमिकता दी जायेगी, जिन ग्राम पंचायतो में समूहो को अभी तक कृषि यंत्र नही दिये गये है.

किसान भौतिक सत्यापन, स्थानीय सत्यापन के दौरान कृषि मशीन के क्रय बिल तथा कृषि यन्त्र के पूर्ण विशिष्टताओं के अनुसार पाये जाने पर ही विभाग द्वारा प्रदत्त अनुदान का पात्र होगा. किसान द्वारा अनुदान पर मिली मशीन को पांच वर्षों तक नहीं बेच सकेगा. डीबीटी के माध्यम से पात्र किसानों को अनुदान उपलब्ध होगा.

किसानों को प्रतीक्षा सूची केवल चालू वित्तीय वर्ष के अन्त तक ही वैध होगी. योजना के तहत अधिकतम अनुदान की सीमा तथा अन्य नियम और शर्ते भारत सरकार द्वारा संचालित एसएमएएम योजना एंव उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश संख्या 181 / XIII-II / 2024 (33)/2005 E. No. 50253 दिनाक 16 मार्च 2024 के अनुरूप होगी.

पंजीकरण से सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किसी भी चरण में किसी भी प्रकार की अपात्रता संज्ञान में आने पर विभाग द्वारा सम्बन्धित कृषक का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा एवं अनुदान उपलब्ध नहीं कराया जायेगा.

Written by
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