Home डेयरी Drumstick: 300 रोगों से लड़ने की देता है क्षमता, सेहत का पॉवर हाउस है सहजन
डेयरीपशुपालन

Drumstick: 300 रोगों से लड़ने की देता है क्षमता, सेहत का पॉवर हाउस है सहजन

सहजन सिर्फ एक पेड़ एवं वनस्पति ही नहीं बल्कि अपनी पोषण एवं औषधीय खूबियों के कारण खुद में पॉवर हाउस जैसा है.
सहजन की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. सहजन ‘सोने पर सुहागा’ वाले मुहावरे का जीवंत प्रमाण है. हरियाली के साथ यह पोषण भी देता है. यह पोषण सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं खेती और पशुओं के लिए भी मुफीद है. सहजन में फूल अमूमन तब आते हैं जब अन्य किसी फल या फूल में फूल नहीं रहते. ऐसे में इनके फूलों पर लगने वाली मधुमक्खियां परागण में भी मददगार होती हैं. परागण की खेतीबाड़ी में खासी अहमियत है. एक अनुमान के अनुसार परागण का वैश्विक फसल उत्पादन में लगभग 5 से 8 फीसद तक का योगदान होता है. यह लगभग 235 से 577 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है. यही नहीं, सहजन के उपयोग से आप चाहे वर्मी कंपोस्ट बनाएं या मधुमक्खी पालन करें उसकी पोषण संबंधी खूबियां संबंधित उत्पाद में आकर उसके लाभ को कई गुना बढ़ा देती हैं.

यही वजह है कि योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल से पौधरोपण में सहजन को लेकर खास निर्देश देते हैं. हाल ही में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के सभी लाभार्थियों सहित ‘जीरो पावर्टी’ की श्रेणी में चिह्नित हर परिवार को ‘सहजन’ का पौधा दिया जाए. यही नहीं विकास के मानकों पर पिछड़े आकांक्षात्मक जिलों में हर परिवार को सहजन के कुछ पौध लगाने का निर्देश भी वह दे चुके हैं. योगी सरकार की गृह वाटिका के पीछे भी यही सोच रही है.

राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण 2019-2020 के मुताबिक देश के करीब 32 फीसद बच्चे अपनी उम्र के मानक वजन से कम (अंडरवेट) हैं. करीब 67 फीसद बच्चे ऐसे हैं जो अलग-अलग वजहों से एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं. अपनी खूबियों के नाते ऐसे बच्चों के अलावा किशोरियों, मां बनने वाली महिलाओं के लिए सहजन वरदान साबित हो सकता है.

सहजन की खूबियां: सहजन सिर्फ एक पेड़ एवं वनस्पति ही नहीं बल्कि अपनी पोषण एवं औषधीय खूबियों के कारण खुद में पॉवर हाउस जैसा है. इन्हीं खूबियों के नाते इसे चमत्कारिक वृक्ष भी कहते हैं.

सहजन कर सकता है 300 रोगों की रोकथाम: सहजन की पत्तियों एवं फलियों में 300 से अधिक रोगों की रोकथाम के गुण होते हैं. इनमें 92 तरह के विटामिन्स, 46 तरह के एंटी ऑक्सीडेंट, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं.

तुलनात्मक रूप से सहजन के पौष्टिक गुण

  • विटामिन सी- संतरे से सात गुना
  • विटामिन ए- गाजर से चार गुना
  • कैल्शियम- दूध से चार गुना
  • पोटैशियम- केले से तीन गुना
  • प्रोटीन- दही से तीन गुना

दैवीय चमत्कार भी कहा जाता है सहजन को: दुनिया में जहां-जहां कुपोषण की समस्या है, वहां सहजन का वजूद है. यही वजह है कि इसे दैवीय चमत्कार भी कहते हैं. दक्षिणी भारत के राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में इसकी खेती होती है. साथ ही इसकी फलियों और पत्तियों का कई तरह से प्रयोग भी. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने पीकेएम-1 और पीकेएम-2 नाम से दो प्रजातियां विकसित की हैं. पीकेएम-1 यहां के कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुकूल भी है. यह हर तरह की जमीन में हो सकता है। बस इसे सूरज की भरपूर रोशनी चाहिए.

पशुओं एवं खेतीबाड़ी के लिए भी उपयोगी: सहजन की खूबियां यहीं खत्म नहीं होतीं. चारे के रूप में इसकी हरी या सूखी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुने से अधिक और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि की रिपोर्ट है. यही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की वृद्धि होती है.

सांसद थे तबसे है योगी का सहजन से लगाव: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहजन की इन खूबियों से तबसे वाकिफ हैं जब वह गोरखपुर के सांसद थे. यही वजह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में हरीतिमा बढ़ाने एवं यहां के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पौधरोपण का जो काम शुरू करवाया, उसमें सहजन को भी प्राथमिकता दी गई.

केंद्र भी सहजन को पीएम पोषण योजना में शामिल करने का दे चुका है निर्देश: अब तो केंद्र सरकार भी सहजन की खूबियों के नाते इसका मुरीद हो गई. करीब दो साल पूर्व केंद्र की ओर से राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे प्रधानमंत्री पोषण योजना में सहजन के साथ स्थानीय स्तर पर सीजन में उगने वाले पोषक तत्वों से भरपूर पालक, अन्य शाक-भाजी एवं फलियों को भी शामिल करें.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

NDDB MPOs को कर रहा मजबूत, डेयरी किसानों को ज्यादा दाम दिलाने की पहल पर हो रहा काम

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और NDDB डेयरी सर्विसेज (NDS)...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal News: पशुओं की ईयर टैगिंग कराने के हैं कई फायदे, हर एक जानकारी मिलती है यहां

नई दिल्ली. बहुत से पशुपालक भाई पशु की ईयर टैगिंग कराने से...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy News: डेयरी सेक्टर में मजबूती से आगे बढ़ रहा है मध्य प्रदेश

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार समृद्ध पशुपालक से समृद्ध प्रदेश की...

The revised NPDD will give an impetus to the dairy sector by creating infrastructure for milk procurement
डेयरी

Dairy News: प्रदेश सरकार खरीदेगी भरपूर मात्रा में दूध, ​डेयरी किसानों को मिलेगा अच्छा दाम

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार देश में राज्य को दूध उत्पादन में...