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Poultry News: इन वजहों से पोल्ट्री फार्मिंग में होता है भारी नुकसान, जानें इससे बचने के लिए क्या करें

पोल्ट्री शेड के निर्माण के लिए ऊंची भूमि का चयन करना चाहिए. कुछ चट्टान वाली जगह होती है, वे ज्यादा अच्छी होती हैं. शेड ऊंची होती है, तो उसके पास जल का भराव नहीं हो पाएगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि हमेशा ही पोल्ट्री फार्मिंग में सबसे बड़ा नुकसान मृत्यु दर यानी मोटिलिटी रेट के कारण होता है. ये मृत्यु दर चाहे फॉर्म प्रबंधन की कमियों के कारण हो या फिर किसी और संक्रामक बीमारियों के कारण. दोनों ही स्थितियां बेहद ही खतरनाक हैं. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग में भारी नुकसान होता है. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर समय रहते समस्या का हल ढूंढ लिया जाए तो इससे बचा जा सकता है. कई बार फॉर्म प्रबंधक की गलतियों के कारण समस्याएं केवल एक स्थान तक ही सीमित रहती है लेकिन कई बार यह पूरे क्षेत्र को अपना निशाना बना लेती है. जिससे हजारों मुर्गे और मुर्गियों की मौत होती है.

एक्सपर्ट का कहना है कि संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है. जरूरत इस बात की है कि इसकी तमाम जानकारी रखी जाए. अपने क्षेत्र, पड़ोसी राज्य में पोल्ट्री से संबंधित संक्रमणों की जानकारी रखना पोल्ट्री फार्मर्स के लिए जरूरी है. यह जानना भी जरूरी है कि किस बीमारी का संक्रमण फैल रहा है और इससे मृत्यु दर कितनी होगी और उत्पादन पर क्या असर पड़ेगा. याद रखें कि सटीक जानकारी ही पोल्ट्री फार्मिंग में फायदा पहुंचा सकती है.

इस वजह से फैलता है संक्रमण
एक्सपर्ट कहते हैं कि अपने क्षेत्र के मुर्गा और अंडा व्यापारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखना चाहिए. यदि किसी राज्य में संक्रामक बीमारी फैल रही है तो उस राज्य से अंडा या मुर्गी मंगवाने से बचना चाहिए. किसी फॉर्मर को लगता है कि उनकी मुर्गियों को बचाना मुश्किल है तो वह सस्ते दामों में बिक्री करने का प्रयास करता है. मुर्गा बेचने वाले भी कम कीमत पर इसे खरीद लेते हैं. इससे संक्रमण तेजी से फैलता है. यात्रा के दौरान मारे हुए पक्षियों को सड़क किनारे फेंकने से भी संक्रमण फैलता है.

ये काम करें तो नहीं होगी बीमारियां
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि किसी पोल्ट्री फार्म में संक्रामक बीमारी के कारण मृत्यु दर ज्यादा है तो उस फार्म के मालिक को अपने क्षेत्र के अन्य फार्मर को भी इस बारे में जानकारी देना चाहिए. यह उसकी जिम्मेदारी होनी चाहिए. कुछ फार्मर्स ये सोचते हैं कि उनकी समस्या की जानकारी दूसरों तक न पहुंचे लेकिन संक्रामक बीमारियों के मामले में यह सोच गलत है और खतरनाक भी. यदि आपके फार्म के मुर्गे संक्रमित हैं तो इन्हें बेचने की कोशिश न करें. इससे पूरे सेक्टर को नुकसान हो सकता है. वहीं पोल्ट्री फार्मर्स को नियमित रूप से अपने कंसलटेंट और क्षेत्र के अन्य फार्मर्स के साथ मिलकर वैक्सीनेशन शेड्यूल और बायो सिक्योरिटी पर चर्चा करते रहना चाहिए. इससे संक्रामक बीमारी से बचा जा सकता है.

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