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Fish Farming: कैसे रखें तालाब की मिट्टी का ख्याल, क्यों है ये काम बेहद जरूरी, जानें यहां

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन तो वैसे बेहतरीन काम है और इससे आपको अच्छी कमाई भी हो सकती है लेकिन कुछ बातों का ध्यान देना भी जरूरी होता है. मसलन, मछली पालन में मिट्टी की सेहत का ख्याल रखना बेहद ही अहम काम है. क्योंकि जब आप मिट्टी की सेहत का ख्याल रखेंगे तो वहीं मिट्टी आपकी मछलियों का ख्याल रखेगी. जब मिट्टी सही नहीं होगी तो न ही मछलियों की ग्रोथ ठीक होगी न ही मछलियों की सेहत अच्छी रहेगी. इसलिए मिट्टी की अच्छी तरह से देखभाल करना जरूरी है. इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने जा रहे हैं.

मछली पालक भाइयों तालाब की मिट्टी मछली पालन के लिए बेहद ही अहम होती है. इससे मछलियों को सही वातावरण मिलता है. अगर मिट्टी सही नहीं है तो मछली यहां तनाव में आ जाती हैं. उनकी ग्रोथ रुक जाती है. वहीं इससे मछलियों में बीमारियां बढ़ने लगती हैं. बीमारियां बढ़ने का मतलब है कि मछलियों में मृत्युदर भी दिखाई दे सकती है. इसलिए कहा जाता है कि मछली पालन की दूसरी सबसे अहम प्रक्रिया मिट्टी का ख्याल रखना होता है.

मिट्टी को कैसे बनाएं मछलियों के लिए उपयुक्त
फिश एक्सपर्ट का कहना है कि उपजाऊ मिट्टी से तालाब में नेचुरल फूड चेन तैयार होती है, जो मछलियों की ग्रोथ में बेहद ही मददगार साबित होती है लेकिन आपने अगर मिट्टी की देखभाल नहीं की तो यह तालाब की सेहत बिगड़ सकती है. जिसका सीधा सा मतलब है कि इससे मछलियों की सेहत भी बिगड़ जाएगी. मिट्टी को कैसे मछलियों के लिए उपयुक्त बनाया जाए, यह सीखना बेहद ही जरूरी प्रक्रिया है. फिश एक्सपर्ट का कहना है कि सबसे जरूरी और अहम काम यह है कि सही समय पर मिट्टी में चूने का प्रयोग किया जाए. इससे मिट्टी सही रखने में मदद मिलती है. तालाब में कब चूना डालना चाहिए, कितना डालना चाहिए यह बात हर मछली पालक भाई को पता होनी चाहिए.

चूने से मछलियों को मिलता नेचुरल फीड
एक्सपर्ट कहते हैं कि चूने का काम यह है कि वह मिट्टी के पीएच को बैलेंस करता है और मिट्टी को उपजाऊ बना देता है. जिससे मछलियों को नेचुरल फीड भी मिलता है. यदि कोई किसान भाई जरूरत से ज्यादा चूने का इस्तेमाल तालाब में करते हैं तो यह मछलियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. वहीं अगर आप चूना नहीं डालते हैं तो भी नुकसान पहुंचाएगा. इसलिए जरूरी है कि तालाब की मिट्टी का निरीक्षण करें और उसमें सही मात्रा में चूना डालें, ना ज्यादा ना कम. क्योंकि इससे मिट्टी न केवल उपजाऊ बनेगी बल्कि मछलियों के लिए अनुकूल माहौल भी मिलेगा.

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