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Fish Farming: तालाब में कैसी बनती है अमोनिया, क्या है इसे कम करने का तरीका, जानें यहां

fish pond
फिश फार्मिंग के लिए छोटा तालाब.

नई दिल्ली. अमोनिया झींगा और मछली तालाब में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला रसायन है जो वेस्ट, मछली के भोजन, मलमूत्र और पौधों के टूटने से बनता है. अमोनिया का उच्च स्तर गर्मियों में सबसे अधिक होने की संभावना होती है. जब भोजन दर, पानी का तापमान और पीएच अधिक एवं जब शैवाल की आबादी कम होती है. यह तनाव, गिल क्षति और खराब ग्रोथ का कारण बनता है. जब मात्रा 2.0 मिलीग्राम प्रति लीटर होती है. 2.0 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक अमोनिया से झींगा और मछली में मृत्युदर दिखाई देने लग जाती है.

उत्तर प्रदेश मछली पालन विभाग (Uttar Pradesh Fisheries Department) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि तालाबों में अमोनिया का स्तर 0.05 पीपीएम से कम रखना महत्वपूर्ण है.

ऐसे होती है अमोनिया की गणना
अमोनिया के संचय से बचने के लिए, यही आहार खिलाने दरों के माध्यम से निवारक उपाय किए जाने चाहिए. स्वस्थ शैवाल खिलने और पानी के आदान-प्रदान को बनाए रखना चाहिए.

पानी में अमोनिया दो रूपों में मौजूद है, अमोनियम आयन (NH4) के रूप में, जो विषाक्त नहीं होते हैं, और गैर-आयनित विषाक्त अमोनिया (NH3) के रूप में.

एक या दूसरे का सापेक्ष अनुपात पानी के तापमान और पीएच पर निर्भर करता है. ये जितने अधिक होते हैं, विषैले रूप की सांद्रता उतनी ही अधिक होती है.

तालाब में अमोनिया की मात्रा की गणना TAN, तापमान और pH को मापकर भी की जा सकती है.

मछली और झींगा तालाबों में अमोनिया कैसे कम करें
फीडिंग कम करें क्योंकि उच्च फीडिंग दर से यूट्रोफिक स्थितियां पैदा होती हैं जो अत्यधिक फाइटोप्लांकटन को बढ़ावा देता है.

तालाब को ताजे पानी से फ्लश करें. एयररेटर का प्रयोग करें, क्योंकि कम ऑक्सीजन सांद्रता अमोनिया की विषाक्तता को बढ़ाती है.

कार्बन-नाइट्रोजन (CN) अनुपात बढ़ाने के लिए तालाब को कार्बन के स्रोतों जैसे गुड़, आटा, स्टार्च आदि से खाद दें.

Written by
Livestock Animal News Team

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