Home मछली पालन Fisheries: प्रतिबंधित जल क्षेत्र में मछुआरों की अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए उठाए गए हैं कई कदम
मछली पालन

Fisheries: प्रतिबंधित जल क्षेत्र में मछुआरों की अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए उठाए गए हैं कई कदम

fishermen beware! Fish may die due to increasing frost, increase oxygen level in pond, livestockanimalnews
प्रतीकात्मक फोटो. Livestockanimalnews

नई दिल्ली. प्रतिबंधित जल क्षेत्र में मछुआरों द्वारा अवैध घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर लोकसभा में उठा. जिसका जवाब पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ललन सिंह ने दिया है. उन्होंने जवाब में कहा कि तटीय राज्य सरकारें और संघ शासित प्रदेश (यूटी) प्रशासन 12 समुद्री मील तक फैले क्षेत्रीय जल में मछली पकड़ने की गतिविधियों के नियमन के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि ये विषय राज्य सूची की प्रविष्टि 21 के तहत आता है. संघ सरकार 12 समुद्री मील से परे भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजैड) में मछली पकड़ने का नियमन संघ सूची की प्रविष्टि 57 के तहत करती है.

उन्होंने कहा कि तटीय राज्य/यूटी अपने-अपने समुद्री मत्स्य नियमन कानून (एमएफआरए) को लागू करते हैं ताकि क्षेत्रीय जल में मछली पकड़ने को नियंत्रित किया जा सके. कई राज्यों और यूटी ने पारंपरिक मछुआरों के लिए, जो बिना मोटर और मोटर चालित नौकाओं का उपयोग करते हैं, विशेष क्षेत्र भी निर्धारित किए हैं, जहां मशीनी नौकाओं को प्रतिबंधित किया गया है.

2023 में हुआ था आरएफएमसी का गठन
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने क्षेत्रीय जल में, जिसमें पारंपरिक मछली पकड़ने के क्षेत्र और पुलिकट झील क्षेत्र शामिल हैं, तमिलनाडु और पुडुचेरी से आने वाली मशीनी नौकाओं द्वारा अवैध मछली पकड़ने की कुछ घटनाओं की सूचना दी है.

ऐसे अंतर-राज्यीय मत्स्य मुद्दों के समाधान के लिए, और अंतर-राज्य परिषद की सलाह के अनुरूप, सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने 29 मार्च 2023 में तीन क्षेत्रीय मत्स्य प्रबंधन परिषदों (आरएफएमसी) — पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी — का गठन किया है.

ये परिषदें राज्यों व यूटी के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती हैं, जहां वे मिलकर अंतर-राज्यीय मत्स्य विवादों का समाधान कर सकते हैं और समुद्री संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित कर सकते हैं.

भारतीय तटरक्षक बल इन तीनों आरएफएमसी में प्रतिनिधित्व करता है. राज्यों व यूटी द्वारा उठाए गए मुद्दों को विचार-विमर्श के लिए संबंधित आरएफएमसी के एजेंडा में शामिल किया जाता है.

तमिलनाडु सरकार ने बताया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने और शांतिपूर्ण, निर्बाध मछली पकड़ने की गतिविधियों को सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी तटीय राज्यों/यूटी के साथ मौजूदा संस्थागत तंत्रों के माध्यम से समन्वित कार्रवाई की जाती है.

तमिलनाडु ने मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका की रक्षा के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने हेतु सक्रिय उपायों पर भी प्रकाश डाला है.

कहा कि दक्षिणी आरएफएमसी की 19 अगस्त 2023 को आयोजित बैठक में आंध्र प्रदेश द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद, तमिलनाडु सरकार ने 31 जनवरी 2024 को एक आदेश जारी कर जिला-स्तरीय समिति का गठन किया है.

इस समिति में तिरुवल्लूर, चेन्नई और चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) तथा एसपीएसआर नेल्लोर, प्रकाशम और तिरुपति (आंध्र प्रदेश) के जिला कलेक्टर और अधिकारी शामिल हैं.

समिति को मछुआरों को जागरूक करने और दोनों राज्यों के बीच मछली पकड़ने से संबंधित विवादों का समाधान करने का दायित्व सौंपा गया है.

तमिलनाडु ने यह भी बताया है कि आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों, जिनमें फोटोग्राफ और वीडियोग्राफ शामिल हैं, के आधार पर तमिलनाडु समुद्री मत्स्य विनियमन कानून, 1983 के तहत दोषी मछली पकड़ने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

मछली पालन

Fisheries: प्रोडक्ट ब्रांडिंग और स्मार्ट पैकेजिंग जैसे कामों से भी फिशरीज सेक्टर में कर सकते हैं ग्रोथ

नई दिल्ली. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE) फिशरीज इनोवेशन एंड...

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
मछली पालन

Fish Production: छत्तीसगढ़ में हुआ दोगुना मछली उत्पादन, 10 लाख टन पहुंचा प्रोडक्शन

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: मछली पालकों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई गई, छत्तीसगढ़ में हुए कई विकास कार्य

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

Fish Farming: बाजार में मछली की गिरती कीमतों के बीच सरकार ने दी मछली पालकों को राहत

नई दिल्ली. आंध्र प्रदेश सरकार ने जानकारी दी है कि ई-फिश प्लेटफॉर्म...