Home पशुपालन Gokuldham Gaushala: दमोह में 515 एकड़ में हाईटेक गौशाला, सड़कों पर नहीं अब घरों में दिखेंगी गाय
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Gokuldham Gaushala: दमोह में 515 एकड़ में हाईटेक गौशाला, सड़कों पर नहीं अब घरों में दिखेंगी गाय

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश की समस्या से अब छुटकारा मिलेगा. निराश्रित घूम रहे गोवंशों को रहने का ठिकाना मिलेगा उनके अच्छे से देखने को सकेगी. सरकार लगातार निराश्रित गोवशों की देखरेख पर काम कर रही है. अब मध्य प्रदेश में करीब 8 लाख से अधिक निराश्रित गोवंशों की देखरेख अच्छे से हो सकेगी. यह निराश्रित गोवंश सड़कों पर हादसों का कारण बनते थे. लोगों को इससे काफी नुकसान हो रहा था. इस नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी. मध्य प्रदेश में बड़ी-बड़ी गौशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है.

दमोह जिले के सीतानगर के पास 515 एकड़ जमीन पर हाईटेक गौशाला बनाई जा रही है. ये जानकारी पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने दी. मध्य प्रदेश सरकार ने निराश्रित भावनाओं को आसरा देने के लिए स्वावलंबी गौशाला स्थापना नीति बनाई है. इस योजना में 606 करोड रुपए सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे.

20 हजार गायों के लिए गौशाला: सीतानगर के पास गोकुलधाम गौशाला का निर्माण किया जाएगा. पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री लखन पटेल ने बताया कि यहां 515 एकड़ जमीन पर हाईटेक गौशाला बनाई जा रही है. क्योंकि सभी जिलों के विधायक गौशाला के लिए मांग कर रहे हैं. निराश्रित गोवंश की समस्या पूरे राज्य में हैं, इसलिए सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.

पीपीपी मॉडल से निर्माण: इस गौशला में गोवंश के रहने की पूरी व्यवस्था होगी. उनका अच्छे से ख्याल रखा जाएगा. सरकार को यहां से पैसा मिलेगा. ये पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएगी. यहां सीएनजी भी यहां बनाई जाएगी. यहां गौशाला से गोबर की खाद जो जैविक खाद होती है वह भी बनाई जाएगी. किसान यूरिया के पीछे भागते हैं, तो जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए यहां से खाद भी मिलेगी. गौशाला में नस्ल सुधार का काम भी किया जाएगा. मंत्री का कहना है कि दो सालों में सड़कों से निराश्रित गोवंश नहीं दिखेगा, लेकिन गाय हर घर में जरूर दिखेगी. किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार सरकार प्रयास कर रही है.

एक रुपये में इस योजना से दी जाएगी जमीन: वहीं स्वावलंबी योजना में पीपीपी मॉडल से गौशाला की तर्ज पर गोवंश बिहार खोले जाएंगे. इस नीति में ₹1 की दर से निजी निवेशकों को जमीन दी जाएगी. जमीनें पंचायत में मिलेंगी और सरकार इसका अनुदान देगी. इन गौशलाओं में बिजली कम दर पर मिलेगी. वहीं यहां रखे जाने वाली गाय के लिए प्रतिदिन गाय के हिसाब से 40 रुपये दिए जाएंगे.

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