नई दिल्ली. पशुधन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम रोल निभा रहा है. ये वर्ष 2014-15 से वर्ष 2023-24 तक 12.77 फीसद की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है. कृषि और इससे जुड़े क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धित (GVA) में पशुधन का योगदान वर्ष 2014-15 में 24.38 फीसद से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 30.87 फीसद तक पहुंच गया है. वर्ष 2023-24 के कुल जीवीए में पशुधन क्षेत्र का योगदान 5.49 फीसद रहा है. जिसके चलते भारत दूध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है और वैश्विक दूध उत्पादन में इसका योगदान 25 फीसद दे रहा है. पिछले 11 वर्षों में दूध उत्पादन 5.41 फीसद की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है, जो वर्ष 2014-15 में 146.31 मिलियन टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 247.87 मिलियन टन हो गया.
दुनिया में दूध उत्पादन में वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 (अनुमानित) में 1.12 फीसद (फूड आउटलुक नवंबर 2025) की वृद्धि हुई है. वर्ष 2024-25 में भारत में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि विश्व औसत वर्ष 2024 (अनुमानित) में 328 ग्राम प्रतिदिन (फूड आउटलुक नवंबर 2025) है. ऐसा सरकार की तरफ से चल रही कई अहम योजनाओं की वजह से भी हो सका है.
कौन-कौन से काम हुए
देशी नस्लों के विकास और संरक्षण तथा बोवाइन पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की गई है.
3 मार्च, 2025 को नई दिल्ली में “डेयरी क्षेत्र में धारणीयता (Sustainability) और चक्रीयता (Circularity) पर कार्यशाला” का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था.
भारत में नस्ल विकास संबंधी कार्यशाला दिनांक 12 जुलाई, 2025 को लखनऊ में आयोजित की गई. देश भर में नस्ल संरक्षण को मजबूत करने और संगठित प्रजनक नेटवर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उसी दिन प्रजनक एसोसिएशनों की स्थापना के लिए रूपरेखा भी लॉन्च की गई.
15 जुलाई, 2025 को प्रधानमंत्री ने 33.80 करोड़ रुपए के निवेश से मोतिहारी में स्थापित देशी नस्लों के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (CoE) का उद्घाटन किया.
बिहार के पूर्णिया स्थित सीमन केंद्र में स्थित देशी रूप से विकसित सेक्स-सॉर्टेड सीमन उत्पादन सुविधा का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिनांक 15.9.2025 को किया गया. पूर्वी और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के किसानों के लिए उचित दरों पर सेक्स-सॉर्टेड सीमन उपलब्ध है.
असम के गुवाहाटी में आरजीएम के अंतर्गत 28.93 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित उत्तर पूर्वी क्षेत्र की पहली आईवीएफ प्रयोगशाला का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को किया गया. ये अत्याधुनिक सुविधा उत्तर पूर्वी राज्यों में दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को महत्वपूर्ण गति प्रदान करेगी.
सुरभि चयन श्रृंखला DAHD ने देश भर में श्रेष्ठ जर्मप्लाज्म का पता लगाने और प्रसार के लिए सुरभि चयन श्रृंखला नामक एक व्यापक निष्पादन रिकॉर्डिंग कार्यक्रम शुरू किया है. सुरभि चयन शृंखला के अंतर्गत 5 लाख पशुओं की प्रारंभिक पहचान पूरी कर ली गई है.











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