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Green Fodder: ठंड में भी इस चारा फसल की होती है अच्छी पैदावार, पशु खाकर दूध से भर देंगे बाल्टी

कोंगो सिग्नल घास

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के काम में दुधारू पशुओं से ज्यादा दूध उत्पादन लेने के लिए जरूरी होता है कि उन्हें भरपूर मात्रा में हरा चारा दिया जाए. हरा चारा खाने से पशुओं को पौष्टिक तत्व मिलते हैं और इससे उनका दूध उत्पादन बढ़ता है लेकिन दिक्कत तब आती है जब गर्मी और ठंड में हरे चारे की कमी हो जाती है. बहुत से समझदार किसान साइलेज बनाकर रख लेते हैं और इसी से हरे चारे की भरपाई करते हैं लेकिन आप भी डेयरी किसान हैं तो ठंड के मौसम में हरे चारे की अच्छी पैदावार लेने के लिए सीएसवी 33 एमएफ चरी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे ठंड में भी अच्छी पैदावार मिलेगी.

इस चारा फसल की बात की जाए तो यह एक उच्च उपज देने वाली चारा ज्वार चरी है. जिसे पशुओं के लिए चारे के रूप में उगाया जाता है. यह एक से ज्यादा बार कटाई वाली किस्म कहलाती है. जिससे आप बार-बार हरा चारा पशुओं के लिए ले सकते हैं और इससे चारे की कमी नहीं होगी.

यहां पढ़ें इस चारे की खासियत
एक्सपर्ट का कहना है यदि आप पशुओं के लिए लगातार ताजे और पोषक तत्वों से भरपूर चारे की आपूर्ति चाहते हैं तो इस चारा फसल को लगा सकते हैं.

इस चारा फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि तेजी से बढ़ने वाली है और हर तरह की जलवायु के लिए अनुकूल भी होती है.

चारा फसल की पहली कटाई बुवाई के लगभग 40 से 60 दिनों के बाद की जा सकती है और फिर हर 30 दिन से 40 दिन पर कटाई कर सकते हैं.

इससे पशुओं को उच्च गुणवत्ता वाला पोषक तत्वों से भरपूर चारा मिलता है. जिसका फायदा पशुओं को होता है और इससे ज्यादा दूध उत्पादन मिलता है.

इस चारा फसल की अपनी यह भी खासियत है कि इसे सूखे और हरे दोनों चारों के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. यानी इसे सुखाकर भी पशुओं को दिया जा सकता है.

निष्कर्ष
गौरतलब है कि पशुओं के लिए हरे चारे की कमी हमेशा ही रहती है लेकिन इस चारा फसल से आप उस कमी को दूर कर सकते हैं और पशुओं से भरपूर मात्रा में दूध उत्पादन ले सकते हैं. जिसका फायदा आपको डेयरी फार्मिंग के कम में मिलेगा.

Written by
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