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Scheme: पशुधन और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने शुरू की योजना, ये है लक्ष्य

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. भारत के पशुधन और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए पिछले दिनों केंद्र सरकार ने 947 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और 219 करोड़ रुपए की अतिरिक्त परियोजना का शिलान्यास किया है. जिसमें पीएम धन-धन्य कृषि योजना पशुधन पर भी केंद्रित है. पीएम धन-धन्य कृषि योजना के तहत, स्थानीय स्तर पर पशु स्वास्थ्य से जुड़े अभियान भी चलाए जाएंगे. सरकार ग्रामीण समृद्धि के लिए विविधीकरण के महत्व पर जोर दे रही है. जहां खेती संभव नहीं है, वहां पशुपालन और मछली पालन को बढ़ावा देने का काम हो रहा है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार उन्हें पारंपरिक खेती से हटकर विकल्प दे रही है.

इसलिए, अतिरिक्त आय के लिए पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन पर जोर दिया जा रहा है. इससे छोटे किसान और भूमिहीन परिवार भी मजबूत होंगे. बताते चलें कि सरकार की तरफ से पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाने के लिए 125 करोड़ से ज्यादा टीके मुफ़्त लगाए जा चुके हैं. इससे पशु स्वस्थ हुए हैं और किसानों की चिंता भी कम हुई है.

कई प्लांट शुरू किए गए
पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहली आईवीएफ प्रयोगशाला का उद्घाटन हुआ है. जिसे राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) के तहत 28.93 करोड़ के निवेश से गुवाहाटी, असम में स्थापित किया गया.

राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के तहत, कई बड़े पैमाने की डेयरी अवसंरचना परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया.

इनमें मेहसाणा मिल्क यूनियन परियोजना शामिल है, जिसमें 460 करोड़ की लागत से विकसित 120 मीट्रिक टन प्रतिदिन दूध पाउडर प्लांट और 3.5 लाख लीटर प्रतिदिन यूएचटी प्लांट शामिल है.

सरकार ने इंदौर मिल्क यूनियन द्वारा 76.50 करोड़ की लागत से स्थापित 30 टन प्रतिदिन दूध पाउडर प्लांट, भीलवाड़ा मिल्क यूनियन द्वारा 46.82 करोड़ की लागत से स्थापित 25 हजार लीटर प्रतिदिन यूएचटी प्लांट और तेलंगाना के करीमनगर के नुस्तुलापुर में 25.45 करोड़ की लागत से एक ग्रीनफील्ड डेयरी प्लांट विकसित किया है.

डेयरी नेटवर्क का और विस्तार करते हुए, एनपीडीडी के तहत 219 करोड़ के कुल निवेश से, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल में एक एकीकृत डेयरी प्लांट और 200 टीपीडी मवेशी चारा संयंत्र की आधारशिला रखी गई.

पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) के तहत, कई राज्यों में 303.81 करोड़ की लागत वाली 10 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है. जिससे देश में चारा, दूध और पशु उत्पाद प्रोसेसिंग की क्षमता मजबूत हुई है.

प्रजनन सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच को मजबूत करने के लिए, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से 2,000 प्रशिक्षित और सुसज्जित मैत्री (ग्रामीण भारत में बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन) को प्रधानमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं.

इस कार्यक्रम में पूरे भारत में 38,000 से अधिक मैत्री (MAITRI) को शामिल किया गया, जो देश भर में कृत्रिम गर्भाधान कवरेज और पशुधन के आनुवंशिक उन्नयन में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

Written by
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