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Government Scheme: डेयरी यूनिट लगाने के लिए सरकार दे रही है लोन, योजना के बारे में पढ़ें यहां

ब्रुसेलोसिस ब्रुसेला बैक्टीरिया के कारण होता है जो मुख्य रूप से पशुधन (जैसे गाय, भेड़, बकरी) में पाए जाते हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. हरियाणा सरकार की ओर से हाईटेक मिनी डेयरी यूनिट लगाने के लिए योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना का उद्देश्य पशुपालन गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है. साथ ही दूध उत्पादन और डेयरी की उत्पादका में ग्रोथ करना भी है. इससे पशुपालकों को भी सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. वहीं नस्लों के जर्मप्लाज्म को विकसित करना, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करना, कमजोर वर्गों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को सुधारना भी योजना का मकसद है. अगर आप भी योजना का फायदा लेना चाहते हैं तो आखिरी तक आर्टिकल को जरूर पढ़ें.

आवेदकों के लिए पात्रता की बात की जाए तो इस योजना के लिए आवेदन करने वाले की उम्र 18 से 55 वर्ष तक होनी चाहिए. आवेदक हरियाणा का निवासी और बेरोजगार होना चाहिए. इस योजना का लाभ कोई भी समूह, फर्म, संगठन नहीं ले सकता, क्योंकि यह योजना व्यक्तिगत लाभार्थी उन्मुख योजना है.

ट्रेनिंग भी दी जाएगी
योजना के तहत आवेदन करने वाले को 11 दिन की मुफ्त डेयरी की ट्रेनिंग दी जाएगी. ये ट्रेनिंग लाभार्थी संबन्धित सबडिविजन और पशु चिकित्सालय में जाकर ले सकता है. इससे उसे डेयरी फार्मिंग तमाम बारीकियों को सीखने में मदद मिलेगी. लोन के लिए आवेदन-पत्र बैंकों को भेजना होगा. पशु चिकित्सा और पशु प्रजनन सुविधाएं प्रदान करना होगा. हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ के माध्यम से दूध की बिक्री के लिए सहकर्मी के साथ सम्बन्ध स्थापित करवाना है. वहीं पशुओं के बीमे के लिये वित्तीय मदद प्रदान करवाना है.

योजना का क्या है फायदा
इ0स योजना के तहत लाभार्थी 3-5, 6-10, 11-20 व 21-50 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित कर सकता है. 2-20 दुधारू पशुओं की इकाई को स्थापित करने के लिए कुल इकाई लागत की 15 फीसदी राशि पशुपालकों द्वारा तथा बकाया 85 फीसदी रकम बैंक द्वारा लोन के रूप में दी जाएगी. जबकि 21-50 दुधारू पशुओं की इकाई को स्थापित करने के लिए 25 राशि पशुपालक द्वारा तथा बकाया 75 राशि बैंक द्वारा लोन के रूप में प्रदान की जाएगी.

इन नस्लों की गायों से शुरू करें पशुपालन
देसी नस्ल जैसे हरियाण, साहीवाल, बिलाही, रैडसिंधी, थारपारकर, गिर नस्ल की गायों की 3-5, 6-10 और 10-20 डेयरी इकाई स्थापित करने पर कुल इकाई लागत का 100 फीसदी बैंक द्वारा लोन के रूप में पशुपालकों को प्रदान किया जाता है. पशुपालकों को अनुदान के रूप में 5-7 साल तक ब्याज रहित लोन दिये जाने का प्रावधान है.

क्या-क्या दस्तावेज लगेंगे जानें यहां
बेरोजगार व्यक्ति यदि डेयरी इकाई स्थापित करना चाहता है वह SARAL http://saralharyana.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकता है. आवेदक स्वयं या फिर कामन सर्विस सेन्टर, अंत्योदय केन्द्र, अटल सेवा केन्द्र, ई-दिशा केन्द्र के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकता है. आवेदन के दौरान आवेदकों को मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसैंस और राशन कार्ड की फोटो कॉपी देनी होगी. वहीं आधार कार्ड की कापी, बैंक पास बुक की कापी, पैन कार्ड की प्रति (यदि उपलब्ध हो) तो भी देना होगा. वहीं कैंसिल बैंक चेक की फोटो कॉपी देनी होगी.

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