Home मीट Goat Farming: केंद्रीय मंत्री ने कहा- बढ़ाई जाए ब्लैक बंगाल बकरी की संख्या, इसके मीट की है बहुत डिमांड
मीट

Goat Farming: केंद्रीय मंत्री ने कहा- बढ़ाई जाए ब्लैक बंगाल बकरी की संख्या, इसके मीट की है बहुत डिमांड

बकरी के चेचक की बीमारी को लेकर तीन से चार महीने की उम्र पर इसके बाद एक महीने के बाद बूस्टर टीका और फिर हर साल यह टीका लगाया जाता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. अगर मीट के कारोबार के लिए बकरी पालन की सोच रहे हैं तो ब्लैक बंगाल नस्ल बेहतरीन है. क्योंकि ब्लैक बंगाल बकरी के मीट की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है. इसका मीट नर्म और टेस्टी होता है. ये नस्ल जल्दी तैयार हो जाती है और इसकी क्वालिटी बहुत बेहतरीन होती है. वहीं इस बात पर केंद्रीय मंत्री ने भी मुहर लगा दी है. केंद्रीय मंत्री ने गिरिराज सिंह बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का दौरा किया तो इस नस्ल की तारीफ की और ब्लैक बंगाल बकरी की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर दिया. साथ ही पशुधन नस्ल सुधार पर भी जोर दिया.

मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से कहा देसी नस्ल के सुधार पर खास ध्यान दें. क्योंकि ब्लैक बंगाल बकरियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. ये बकरी के मीट की काफी मांग बढ़ रही है. केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान कहा कि पशु चिकित्सकों सहित वैज्ञानिकों को नवीनतम तकनीकों के उपयोग से उन्नत नस्ल के पशुधन के विकास पर जोर देना चाहिए. उन्होंने खासतौर पर सेक्स-सार्टेड सीमेन के इस्तेमाल पर जोर दिया, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली पशु नस्लों का विकास किया जा सके.

साहिवाल गाय के बछड़ों की दी जानकारी
इन विषयों पर केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह, बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. जेके प्रसाद, निदेशक (शोध) डॉ. वी.के. सक्सेना सहित अन्य वैज्ञानिकों के साथ बैठक की. बैठक में पशुधन उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, कृत्रिम गर्भाधान, एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी (ईटीटी), सेक्स-चॉर्टेड सीमेन और आईवीएफ तकनीक के क्षेत्र में चल रहे कार्यों पर चर्चा और समीक्षा की गई. इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने मंत्री को पिछले वर्षों में इन तकनीकों के माध्यम से जन्मे साहिवाल नस्ल के बछड़ों और बछियों की जानकारी दी, और कहा कि इससे विश्वविद्यालय के फार्म में देशी गायों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.

पशु नस्ल सुधार की जरूरत पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पशु नस्ल सुधार के क्षेत्र में कार्य करने की बेहद ही जरूरत है. उन्होंने कहा कि इससे अच्छे पशु हमें मिलेंगे, जिनका उत्पादन बेहतर होगा. जब किसानों के पास अच्छी नस्ल के पशु होंगे तो उन्हें इसका फायदा होगा और उनकी आय बढ़ेगी. कहा कि सरकार भी यही चाहती है. साथ ही उन्होंने ब्राजील से उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं के आयात और उन्हें भारतीय उन्नत नस्ल के सीमेन से क्रॉस-ब्रीड कर उच्च उत्पादकता वाली नस्लें विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की.

ब्लैक बंगाल बकरी की संख्या बढ़ाने की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने ब्लैक बंगाल बकरी पालन को लेकर कहा कि ये बेहतरीन प्रजाति है. ये नस्ल मांस उत्पादन में बेहतरीन मानी जाती है और इसकी संख्या बढ़ाने की दिशा में और अधिक प्रयास किए जाने की जरूरत है. इसके अलावा, उन्होंने देशी नस्ल संरक्षण और उच्च उत्पादकता वाली हर्ड तैयार करने में तेजी लाने की बात की. साथ ही कहा कि बकरी और मुर्गी पालन की संरचना को सुदृढ़ करने और इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने और इसपर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

गोट एक्सपर्ट का कहना है कि एक से तीन महीने के बीच मेमना पालन की बात की जाए तो पहले महीने में शरीर का वजन सात किलोग्राम होता है.
पशुपालनमीट

Sheep Disease: फुट रॉट से भेड़ पालन में होता बड़ा नुकसान, ऊन और मांस उत्पादन पर पड़ता है असर

नई दिल्ली. भेड़ पालन में अक्सर भेड़ों को फुट रॉट यानी खुर...

Bakrid, Barbari Goat, Sirohi, STRAR goat farming, Bakrid, Barbari Goat, Goat Farming
पशुपालनमीट

Goat Farming News: बकरियों को जरूर खिलाएं शहतूत के पत्ते, इसके एक नहीं अनेक हैं फायदे

नई दिल्ली. बकरी पालन कर रहे हैं और आपके पास थोड़ी जगह...

मीट

Meat: मीट प्रोसेसिंग की सीखना चाहते हैं बारीकियां और करना चाहते हैं कमाई तो लुवास दे रहा है मौका

नई दिल्ली. लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार...

कीड़े बकरे के पेट में हो जाएं तो उसकी ग्रोथ रुकना तय है.
पशुपालनमीट

Goat Farming: बकरी शाम के समय इस तरह करें देखरेख, सेहत होगी बेहतर, उत्पादन मिलेगा अच्छा

नई दिल्ली. गोट एक्सपर्ट कहते हैं कि बकरियों की सही देखभाल से...