नई दिल्ली. बहुत से मुर्गी पालक भाई अंडा उत्पादन के लिए चूजों को पालते हैं और फिर मुर्गियों को तैयार करते हैं. जिसके बाद उन्हें अंडा उत्पादन मिलता है. जबकि ऐसा कई बार होता है कि मुर्गियों का एक समय पर वजन नहीं बढ़ता है. वजन न बढ़ने के चलते पोल्ट्री फार्मिंग की लागत भी ज्यादा हो सकती है. ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों का वजन बढ़ाने के लिए पपीता और उसके विभिन्न भाग पत्ते, बीज और फल देना फायदेमंद हो सकता है. क्योंकि पपीते के अंदर पैपेन नाम का एक खास एंजाइम पाया जाता है, जो मुर्गियों के पाचन तंत्र को सही रखता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि जब मुर्गियों का पाचन तंत्र सही रहता है तो वह अच्छी तरह से दाना खाती हैं. जिससे मुर्गियों का वजन ज्यादा गति से बढ़ने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. इससे मुर्गी पालक को फायदा होता है.
पपीते में क्या होता है और इसे कैसे खिलाएं
पपीते के पत्तों में विटामिन ए, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो मुर्गियों की भूख बढ़ाने के लिए मददगार होता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि पपीते के पत्तों का रस निकालकर 1 लीटर पानी में पांच मिलीलीटर इसे मिलना चाहिए. फिर हफ्ते में दो से तीन बार मुर्गियों को देना चाहिए.
यदि आप मुर्गियों का वजन बढ़ाना चाहते हैं तो पत्तों को धूप में सुखाकर पाउडर बना लें 10 किलो दाने में 200 ग्राम पाउडर मिलाकर भी आप खिला सकते हैं.
मुर्गियों को पपीता देने से जहां उनका वजन बढ़ाया जा सकता है, तो वहीं पपीता खाने से मुर्गियों के पेट के कीड़े भी मर जाते हैं.
असल इससे फायदा ये होता है कि मुर्गियों का लिवर स्वस्थ रहता है और पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं.
दाना देने के तरीके की बात करें तो पके हुए पपीता के बीच को धोकर धूप में सुखा लें और फिर पाउडर बनाकर मुर्गियों को दे सकते हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि पका हुआ पपीता या सूखे छिलके मुर्गियों को अगर आप देते हैं तो इससे उन्हें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन मिल जाता है.
इसके चलते मुर्गियों को बीमारियों से लड़ने में भी मदद मिलती है क्योंकि इससे उनकी इम्युनिटी बढ़ती है.
निष्कर्ष
पोल्ट्री फार्मिंग के एक्सपर्ट कहते हैं कि पपीता हर हाल में मुर्गियों के लिए फायदेमंद है. जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल मुर्गी पालकों को करना चाहिए.












