नई दिल्ली. बकरी पालन हर तरह से फायदेमंद है और सरकार बकरी पालन को बढ़ावा देने का काम भी कर रही है. जिससे छोटी जोत वाले किसान, महिलाएं और यहां तक कि दिव्यांग लोग बकरी पालन जैसे काम करके अपनी इनकम को बढ़ा सकें. गौरतलब है कि बकरी पालन मीट और दूध दोनों उत्पादन के लिए किया जाता है. अब तो दूध की अहमियत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. बकरी के दूध से पाउडर बनाकर विदेश तक एक्सपोर्ट किया जा रहा है. जिससे बकरी पालकों को अच्छा खासा मुनाफा मिल रहा है. यदि आप भी बकरी पालन करना चाहते हैं तो ये योजना बढ़िया है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि बकरी का दूध सुपाच्य होता है जो बीमार लोगों के लिए भी फायदेमंद होता है. अगर कोई बीमार पड़ता है तो बकरी का दूध वह आसानी से पचा लेता है और इससे उसे फायदा भी मिलता है. इसलिए अगर बकरी का दूध उत्पादन बढ़ता है तो इसे सीधे तौर पर किसानों को फायदा मिलना तय है.
योजना के बारे में यहां जानें
उत्तर प्रदेश की सरकार बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए 90 फीसद तक सब्सिडी देती है. जिसके तहत आप जमुनापारी और बुंदेलखंड जैसी मूल नस्लों की बकरियों को पाल सकते हैं.
असल में इस योजना के तहत 60 हजार रुपए की लागत वाली इकाई पर 54 हजार रुपए की सब्सिडी सरकार की तरफ से दी जाती है.
ऐसे में सिर्फ 6 हजार रुपए लगाकर बकरी पालन का काम शुरू किया जा सकता है और आप एक यूनिट में पांच मादा और एक नर बकरी को पाल सकते हैं.
सरकार की इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध जमुनापारी, बुंदेलखंडी नस्ल के संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर देने का काम किया जा रहा है.
इस योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूह, सीमांत किसानों कृषि मजदूरों और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जा रही है.
यदि आप जमुनापारी जैसी बकरी का पालन करते हैं तो यह बकरी एक दिन में 2 लीटर तक दूध का उत्पादन हर दिन मिलेगा. जिसे बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.
वहीं मीट उत्पादन के लिए भी बकरी पालन आप कर सकते हैं. क्योंकि बकरी का मीट सबसे महंगा बिकता है और इसे आपको ज्यादा मुनाफा मिल सकता है.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट कहते हैं कि शुरुआती स्तर पर छोटे पैमाने पर बकरी पालन करना चाहिए. एक बार जब बकरी पालन के काम में अच्छा अनुभव हो जाए तो फिर इस काम को आगे बढ़ाया जा सकता है. वहीं सरकार की 90 फीसद अनुदान वाली योजना का लाभ उठाकर आसानी से बकरी पालन कर सकते हैं.












