Home डेयरी Milk Production: कैसे बढ़ाया जा सकता है दूध उत्पादन, एनिमल एक्सपर्ट ने दिए 11 सुझाव, पढ़ें यहां
डेयरी

Milk Production: कैसे बढ़ाया जा सकता है दूध उत्पादन, एनिमल एक्सपर्ट ने दिए 11 सुझाव, पढ़ें यहां

Milk Production, Dairy News, UP Dairy News, A-Help Scheme, Animal Husbandry, Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission, Yogi Government, CM Yogi, UP CM
Symbolic pic

नई दिल्ली. भारत भले ही दूध उत्पादन के मामले में दुनिया में पहली पोजिशन पर है लेकिन प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में कई देशों से पीछे है. एनिमल एक्सपर्ट डॉ. इब्ने अली का कहना है कि अगर प्रति पशु उत्पादन बढ़ाने पर ज्यादा से ज्यादा फोकस किया जाए तो दूध उत्पादन के मामले में भारत बहुत आगे चला जाएगा. उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि-जलवायु फैक्टर्स आदि को ध्यान में रखकर गोपशु और भैंस ब्रीडिंग नीति तैयार करने की जरूरत है. पशुधन पशुओं में आनुवंशिक सुधार करने की जरूरत है.

उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन क्षमता और भार वहन क्षमता में इजाफा करने के लिए अपने घरेलू क्षेत्रों में सेलेक्टिव ब्रीडिंग के जरिए से गोपशु की राष्ट्रीय रूप से महत्वपूर्ण स्वदेशी नस्लों का आनुवंशिक सुधार और संरक्षण किया जाना चाहिए. विदेशी डेयरी नस्लों के साथ कम उत्पादकता वाली नस्लों की क्रॉस ब्रीडिंग से भी फायदा होगा.

यहां पढ़ें एक्सपर्ट ने क्या कहा
1. जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए पशु ब्रीडिंग और प्रबंधन तकनीकों में इनावेशन और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाए.

  1. डेयरी संचालन और टिकाऊ खेती के तरीकों में नये एनर्जी सोर्स के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
  2. ऐसे कानूनों पर जोर दिया जाए जो गायों-नर और मादा-के कल्याण को ध्यान में रखते हों.
  3. मादा मवेशियों की देखभाल के लिए अपने विकल्पों की जांच करें जो उत्पादन नहीं कर रहे हैं.
  4. पशु स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान दिया जाना भी बहुत जरूरी है.
  5. बीमारियों को दूर करने के लिए उपचार और पशु चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना होगा.
  6. डेयरी पशुओं की आहार संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए चारा, साइलेज और सांद्रता सहित संतुलित और पौष्टिक फीड दिया जाए.
  7. स्वच्छ और आरामदायक वातावरण देने के लिए आवास की स्थिति में सुधार किया जाए. जिससे तनाव कम हो सकता है और उत्पादकता बढ़ सकती है.
  8. दूध की गुणवत्ता और उपज में सुधार के लिए मशीन से दूध दुहने जैसी स्वच्छ और कुशल दूध देने की प्रथाओं को अपनाना चाहिए.
  9. जानवरों में एंटीबायोटिक प्रतिरोध से बचने के लिए इमरजेंसी या आवश्यक होने पर एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करें.
  10. डेयरी प्रोसेसिंग क्षेत्र में रिसर्च और नई टेक्नोलॉजी की मदद से दूध देने वाले पशुओं के उत्पादन को बढ़ावा दने पर काम किया जाए.
Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy: डेयरी फार्मिंग में नुकसान नहीं चाहते तो पशु की ठंड से बचाव की अभी से शुरू कर दें तैयारी

नई दिल्ली. डेयरी एक्सपर्ट कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में दुधारू...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

Milk Production: गिर की एचएफ क्रॉस गाय पालिए, एक गाय मुश्किल मौसम में भी देगी 25 लीटर दूध

नई दिल्ली. कई डेयरी फार्मर ऐसे हैं, जो डेयरी फार्मिंग में अच्छी...

डेयरी

Dairy: साहीवाल गाय और मुर्रा भैंस को इंपोर्ट करेगा श्रीलंका, प्रजनन और आनुवंशिक सुधार करने की पहल

नई दिल्ली. भारत में मुर्रा भैंस और साहीवाल गाय दूध उत्पादन के...