Home मछली पालन Fish Farming: ये 4 काम करें मछली किसान तो बढ़ जाएगी मछलियों की ग्रोथ और उत्पादन, पढ़ें यहां
मछली पालन

Fish Farming: ये 4 काम करें मछली किसान तो बढ़ जाएगी मछलियों की ग्रोथ और उत्पादन, पढ़ें यहां

Fisheries,Fish Farming, Fish Farming Centre, CMFRI
मछलियों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन करके अच्छी कमाई की जा सकती है. सरकार भी मछली पालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. ताकि किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सके. कई राज्यों में किसान मछली पालन करके अपनी इनकम बढ़ा भी चुके हैं. यही वजह है कि दिन ब दिन मछली पालन का कारोबार बढ़ रहा है. जबकि मछली उत्पादन भी. एक्सपर्ट की मानें तो एक एकड़ के तालाब में मछली पालन के जरिए 5 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है. मछली पालन एक ऐसा व्यवसाय है कि जिसमें साल में दो बार फसल तैयार हो जाती है. इस वजह से इसमें ज्यादा फायदा मिलता है.

अगर आप भी मछली पालन करने का मन बना रहे हैं तो ये एक बेहतर फैसला साबित हो सकता है. हालांकि मछली पालन करने के लिए जरूरी है कि इसकी ट्रेनिंग कर लें. अगर ऐसा करते हैं तो आपको इसमें फायदा ही फायदा होगा. नुकसान की गुजाइशन बिल्कुल खत्म हो जाएगी. हालांकि इस आर्टिकल में हम मछली पालन से जुड़े कुछ प्वाइंट पर बात करने जा रहे हैं, जो मछली पालन का बिजनेस शुरू करने वाले लोगों के लिए और इसका काम कर रहे किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है. आइए डिटेल में पढ़ें.

चूने का इस्तेमाल कब करें
मछली पालन में हर महीने जाल चला कर मछलियों की ग्रोथ, बीमारी और कीड़ों के आक्रमण की जांच करें. ऐसी कोई समस्या आए तो उपचार करें. जाल चलने से तालाब के तल में एकत्रित दूषित गैस निकल जाती है और पोषक तत्व मुक्त होकर खाद्य श्रृंखला शुरू करते हैं.

कितनी मात्रा में करें मछली बीज संचय
एक्सपर्ट के मुताबिक प्रति हेक्टर 6 हजार से 8 हजार मिली फिंगरलिंग (अंगुलिकाए) संचय करना चाहिए. सतह का भोजन करने वाली मछली बीज की मात्रा 40 फीसदी (कतला 25 फीसद सिल्वर कार्प 15 परसेंट) तथा मध्यम सतहों का भोजन करने वाली मछली बीज की मात्रा 30 फीसदी (रोहू 20 प्रतिशत ग्रासकार्प 10 परसेंट) होनी चाहिए. वहीं तथा तलीय का भोजन करने वाली मत्स्य बीज की मत्रा 30 फीसदी (मृगल 20 प्रतिशत कामन कार्प 10 फीसद) संचय किया जाना चाहिए.

ग्रासकार्प के लिए ऊपरी आहार
ग्रासकार्प के लिए जलीय वनस्पति हाइड्रिला, नाजाम, वरसीम नेपियर आदि भोजन के रूप में देना चाहिए. ग्रासकार्प को भोजन उसके वजन के आधे भार के बराबर दिया जाना चाहिए.

मछली ग्रोथ की जांच करें
यह पोषक तत्व कैल्शियम उपलब्ध कराने के साथ जल की अम्लीयता बढ़ने पर नियंत्रण हानिकारक धातुओं का अवक्षेपित विभिन्न परजीवियों के प्रभाव से मछलियों को मुक्त रखने, तालाब के घुलनषील ऑक्सीजन स्तर को ऊंचा उठाने में असरदायक है. आमतौर पर 250 से 350 किलोग्राम प्रति हेक्टयर की दर से चूने का प्रयोग करना चाहिए.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Fisheries,Fish Farming, Fish Farming Centre, CMFRI
मछली पालन

Fisheries: भारत ने ब्रिक्स समूह में मछली पालन-जलीय कृषि को किसानों की इनकम से जोड़ने का रखा प्रस्ताव

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्रालय, भारत सरकार के...

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालन

Fisheries: मछली उत्पादन के लिए क्लस्टर विकास और बायोफ्लॉक जैसी आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया जाएगा

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्रालय ने मिजोरम के...

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
मछली पालन

Fish Farming Tips: जून में मछली पालकों के लिए काम की है सरकारी एडवाइजरी हुई जारी

नई दिल्ली. फिशरीज एक्सपर्ट कहते हैं कि मौसम के मुताबिक मछलियों की...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming: मछली किसानों को कम समय में ज्यादा उत्पादन देने वाली मछलियां दे रही है सरकार

नई दिल्ली. मछली किसानों को कम समय में ज्यादा उत्पादन मिले और...