Home मछली पालन Fish Farming: मछली पालन में फायदा कमाने के लिए इन अहम बातों का जानना है बेहद जरूरी
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Fish Farming: मछली पालन में फायदा कमाने के लिए इन अहम बातों का जानना है बेहद जरूरी

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. अगर आप सीमेंट टैंक में मछली पालन कर रहे हैं तो इसमें पानी को मेंटेन करना बेहद जरूरी है नहीं तो मछलियों में मृत्यु दर दिखाई दे सकती है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सीमेंट टैंक में पानी के पीएच को कैसे मेंटेन करें तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें. यहां लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज आपको इसी के बारे में और मछली पालन से जुड़ी अन्य अहम जानकारी देने जा रहा है. मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश (Fisheries Department, Uttar Pradesh) के मुताबिक मछली पालन एक अच्छा बिजनेस है और इससे बढ़िया कमाई की जा सकती है.

बता दें कि सीमेंट टैंक में पानी को सही स्थिति में बनाए रखना जरूरी होता है. पानी का पीएच लेवल 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए ना इससे कम न इससे ज्यादा. दोनों ही कंडीशन में मछली को नुकसान हो सकता है.

क्या अहम बातें हैं, यहां पढ़ें
फिश एक्सपर्ट का कहना है की पीएच लेवल नियमित रूप से पानी बदलते रहने से ठीक रहता है. साथ ही अच्छा फिल्टर सिस्टम लगाना भी जरूरी होता है.

कभी-कभी पानी की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए भी चूना डाला जाता है. यह टैंक में पानी को गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए अहम होता है.

यह बात भी जान लें कि आप सीमेंट टैंक में मछली पालन करें या फिर बायोफ्लाक्स सिस्टम के तहत दोनों ही तरह से मछली पालन करने से आपको 12 से 18 महीना के अंदर फायदा नजर आएगा.

हालांकि सही मैनेजमेंट, सही स्किल, मार्केटिंग, बीमारी कंट्रोल और फीड क्वालिटी पर ये मुनाफा निर्भर करता है.

जल्दी फायदा चाहिए तो छोटे बैच में फास्ट ग्रोइंग प्रजातियों का सिलेक्शन करें और फिर उस मछली पालन करें. जिससे आपको अच्छा फायदा हो सकता है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि बायोफ्लॉक सिस्टम के लिए सबसे अच्छी प्रजातियों में तिलापिया, पंगेसियस, मांगुर और सिंघी मछली मनी जाती है.

क्योंकि इन मछलियों की खासियत यह है कि यह कम जगह और कम ऑक्सीजन पर भी अच्छे से जीती हैं और उनकी ग्रोथ भी अच्छी होती है.

Written by
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