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Meat export: भारत अमेरिका से करेगा फ्रोजन मीट का इंपोर्ट, जानें क्यों पड़ी इसकी जरूरत

आजकल फसलों के साथ ही किसान मुर्गी पालन, मछली पालन को भी कर रहे हैं. अगर तालाब में मछली पालन कर रहे हैं, तो इसके साथ बत्तख भी पाल सकते हैं.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. दुनिया में फ्रोजन मीट की डिमांड लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि अब भारत भी दूसरे देशों से फ्रोजन मीट का आयात करेगा. अभी अमेरिका के साथ समझौता हुआ. अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने कहा है कि सीमा शुल्क घटाकर 5 फीसद किए जाने से भारत में अमेरिका से फ्रोजन बत्तख के मांस का आयात 2021 की तुलना में 2024 में 80 फीसद बढ़ जाएगा. टैरिफ में कटौती पर मुहर 9-10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में हुए जी-20 के शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत के बाद लगी थी.

बीते साल भारत में जी-20 समिट के दौरान कई देशों के साथ अलग-अगल मामलों में कई समझौते हुए. इसमें अमेरिका के साथ फ्रोजन बत्तख के मीट को लेकर समझौता हुआ था.जी-20 बैठकों की अगुवाई और उसके बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के साथ पोस्ट ने प्रीमियम फ्रोजन बत्तख के मांस और खाद्य पर टैरिफ को 30 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने में मदद की. यूएसडीए की विदेशी कृषि सेवा ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आयात नीति में संशोधन के बाद 6 मार्च को शुल्क कम कर दिया गया था. यह परिवर्तन तीन सितारा और उससे ऊपर के होटलों और रेस्तरांओं पर लागू होगा, जो अमेरिकी मूल के प्रीमियम फ्रोजन बत्तख के मांस को आयात करने के लिए होटलों की मांग के अनुसार सूची में हैं.

वाणिज्य मंत्रालय ने आयात नीति में संशोधन किया और वित्त मंत्रालय ने प्रीमियम फ्रोजन बत्तख मांस के लिए कम सीमा शुल्क अधिसूचित किया. यूएसडीए की विदेशी कृषि सेवा नई दिल्ली पोस्ट ने कहा, “भारत में अमेरिकी मूल के प्रीमियम फ्रोजन बत्तख के मांस के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है. इस वर्ष भारत को 20 टन प्रीमियम फ्रोजन बत्तख के मांस का आयात करने की उम्मीद है. अमेरिका जिगर समेत 10 टन फ्रोजन बत्तख के अंगों को भेजेगा. पोस्ट में कहा गया है कि 2026 तक इनके 33 टन से 65 टन तक बढ़ने का अनुमान है.अमेरिकी कृषि उत्पादकों ने भारत द्वारा फ्रोजन बत्तख, टर्की पर शुल्क कटौती की सराहना की है. यूएसटीआर का कहना है कि टैरिफ कटौती से अमेरिकी कृषि उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण बाजार तक पहुंच बढ़ती है, लेकिन भारत ने अभी तक विवरण साझा नहीं किया है.

हालांकि इस फैसले पर भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मामले पर नजर रखने वाले सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली फ्रोजन बत्तख और फ्रोजन टर्की पर आयात शुल्क को मौजूदा 30 फीसदी से घटाकर लगभग 5 फीसदी कर सकती है, जबकि ताजा पर आयात शुल्क कम कर सकती है.हालांकि पोल्ट्री के लिए कोई कटौती की घोषणा नहीं की गई है, जहां कटे हुए टुकड़ों के लिए आयात शुल्क 100 प्रतिशत है, यूएस पोल्ट्री और अंडा निर्यात परिषद टर्की और बत्तख के लिए शुल्क में कटौती से संतुष्ट है.

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