नई दिल्ली. इंडियन डेयरी एसोसिएशन (आईडीए) द्वारा आयोजित 52वें डेयरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह और IDF (इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन) की डायरेक्टर जनरल लॉरेंस रिकन ने भारत में इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन (IDF) वर्ल्ड डेयरी समिट 2027 की मेजबानी के लिए एक एग्रीमेंट किया. इस मौके पर भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के माननीय राज्य प्रो. एसपी सिंह बघेल मौजूद रहे. साथ ही IDF के प्रेसिडेंट गिल्स फ्रॉमेंट मौजूद थे.
यह समिट 16-19 नवंबर 2027 तक मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा, जो ग्लोबल डेयरी सेक्टर में भारत की बढ़ती लीडरशिप और डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप, सस्टेनेबिलिटी और इंटरनेशनल सहयोग के प्रति उसके कमिटमेंट को और मजबूत करेगा.
मॉडल गांव का किया दौरा
वहीं दूसरी ओर भेड़, बकरी, ऊंट और दूसरे नॉन-बोवाइन दूध पर 9वें IDF (इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन) इंटरनेशनल सिंपोजियम के हिस्से के तौर पर डेलीगेट्स, स्पीकर्स और एक्सपर्ट्स ने मुजकुवा गांव का फील्ड विजिट किया.
यह एक मॉडल गांव है जो जमीनी स्तर पर भारत के कोऑपरेटिव डेयरी डेवलपमेंट को दिखाता है. यह विजिट गांव-लेवल की डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी से शुरू हुई.
जहां पार्टिसिपेंट्स को NDDB के इंटीग्रेटेड, किसान-सेंट्रिक डेयरी मॉडल के बारे में सीधे तौर पर जानकारी मिली.
उन्होंने मेंबर्स से बातचीत की और समझा कि कोऑपरेटिव फ्रेमवर्क खरीद, ट्रांसपेरेंसी और ग्रामीण इनकम को कैसे मजबूत करता है.
इसके बाद डेलीगेशन ने घरेलू लेवल की बायोगैस यूनिट्स को देखा, और खेत के लेवल पर असरदार खाद मैनेजमेंट और क्लीन एनर्जी जेनरेशन पर रोशनी डाली.
इसके बाद सोलर पंप इरिगेटर कोऑपरेटिव एंटरप्राइज का विजिट किया गया, जिसमें दिखाया गया कि सस्टेनेबिलिटी बढ़ाने और इनपुट कॉस्ट कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस को डेयरी के साथ कैसे इंटीग्रेट किया जा रहा है.
ग्रुप ने NDDB की ‘परिक्रमा’ विज़िटर गैलरी भी घूमी, जिसमें भारत के डेयरी कोऑपरेटिव मूवमेंट के विकास को दिखाया गया, और केमिकल, माइक्रोबायोलॉजिकल और जेनेटिक एनालिसिस के लिए NDDB CALF लिमिटेड में एडवांस्ड लैबोरेटरी सुविधाओं का दौरा किया.
फील्ड विज़िट अमूल डेयरी के स्टेट-ऑफ-द-आर्ट त्रिभुवनदास फ़ूड कॉम्प्लेक्स में खत्म हुई, जहाँ बड़े पैमाने पर कोऑपरेटिव डेयरी प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की झलक मिली.












