नई दिल्ली. आने वाले समय में भारतीय पोल्ट्री इंडस्ट्री और तेजी के साथ बढ़ेगी. असल में भारत में प्रति व्यक्ति अंडे की खपत तेजी से बढ़ रही है. इससे ये माना जा रहा है कि पोल्ट्री इंडस्ट्री को सीधे तौर पर इससे फायदा मिलेगा. क्योंकि भारत में हाई क्वालिटी प्रोटीन के सबसे सस्ते, भरोसेमंद और हाइजीनिक सोर्स के तौर अंडे ही लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं. जिसके चलते दुनिया भर के तमाम देश भारत को मजबूत पोल्ट्री सेक्टर के तौर पर उभरता हुआ देख रहे हैं. देश में प्रति व्यक्ति के हिस्से में अब 106 अंडे आ रहे हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर भारत में अंडों की क्वालिटी पर और ज्यादा ध्यान दिया जाए तो पोल्ट्री सेक्टर में मुनाफा ज्यादा बढ़ सकता है.
जर्मनी की लोहमान लेयर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (LLI) कंपनी में एशिया और ऑस्ट्रेलिया के मैनेजिंग डायरेक्टर एंटोनियो पैरागुआसु ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी कंपनी ने भारतीय कंपनी जीके बिल्डर को टेकओवर कर लिया है. इसके बाद देशभर में लोहमैन कंपनी मुर्गियों के चूजे बचेगी और ये चूजे बड़े होकर अंडे देंगे.
एक्स्पोर्ट के लिए भी बेहतर होंगे अंडे
उन्होंने कहा कि अंडों के लिए मुर्गी पालने वाले पोल्ट्री फार्मर की यही सोच होती है कि उनकी मुर्गी बेहतर क्वालिटी का ज्यादा से ज्यादा अंडा उत्पादन करे.
पोल्ट्री फार्मर से सोचते हैं कि मुर्गी कम फीड खाए और ज्यादा अंडे का उत्पादन करे.
यही वजह है कि हम भारतीय पोल्ट्री फार्मर को कम फीड खाकर क्वालिटी से भरपूर ज्यादा अंडों का उत्पादन करने वाले चूजे देंगे.
इन मुर्गियों से मिलने वाले अंडे का वजन 59 ग्राम से लेकर 60 ग्राम तक होगा और इसकी एक्सपोर्ट क्वालिटी भी बहुत बेहतर है.
उन्होंने दावा किया कि इस मुर्गी से उत्पादित अंडे का छिलका इतना मजबूत होता है कि लोडिंग अनलोडिंग में टूटने का खतरा भी बहुत काम रहता है. इस वजह से इसे लंबी दूरी तक बेफिक्र होकर ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है.
वहीं अंडा उत्पादन की बात की जाए तो ये मुर्गी 100 हफ्ते में 482 अंडों का उत्पादन करेगी जो पोल्ट्री फार्मर के लिए मुनाफा का काम होगा.
वहीं लोहमेन लेयर्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र के. जांगिड़ का कहना है कि भारत सरकार किसानों की इनकम दोगुनी करना चाहती है.
इसी विजन के साथ लोहमैन लेयर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, वर्ल्ड क्लास जेनेटिक ब्रीड भरोसेमंद सप्लाई और मजबूत टेक्निकल सपोर्ट देकर भारतीय किसानों को फायदा पहुंचाएगी.
आपको बता दें कि क्वालिटी को बनाए रखने के लिए कंपनी अपने फार्म से फार्मर के पोल्ट्री फार्म तक सीधे खुद के संसाधनों का इस्तेमाल करके चूजों को पहुंचाएगी.
निष्कर्ष
ऐसे में पोल्ट्री फार्मर्स को चूजे लाने के लिए परेशान होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. पहले ही ये कंपनी दुनिया भर के 100 छोटे-छोटे देशों में इस तरह का काम कर रही है. जिसका फायदा वहां के लोगों को मिल रहा है.










