नई दिल्ली. प्रसार शिक्षा निदेशालय बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना की ओर से एक डॉग शो का आयोजन होने जा रहा है. अगर आप भी इस डॉग शो में शामिल होना चाहते हैं तो ये एक शानदार मौका है. डॉग शो में शामिल होने के लिए पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना की ओर से कुछ शर्तें रखी गईं हैं. जो पेट लवर इन शर्तों को पूरा करते होंगे. वहीं इस डॉग शो में अपने पेट के साथ हिस्सा ले जाएंगे. डॉग शो में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले डॉग के लिए ईनाम का भी इंतजाम किया गया है. इस शो का मकसद कहीं न कहीं लोगों में डॉग के प्रति जागरुकता भी बढ़ाना है.
जानकारी के लिए बता दें कि पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना की ओर से 22 फरवरी, 2026 (रविवार) को ये डॉग शो आयोजित किया गया है. अच्छी बात ये है कि इस डॉग शो के लिए मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा दी गई है. यानि सुबह 9 बजे से इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा. डॉग शो में भाग लेने के लिए नियम व शर्तें भी हैं. इसका पालन करने पर ही इसमें भाग लेने के लिए इजाजत मिलेगी.
क्या हैं डॉग शो में हिस्सा लेने की शर्तें
कुत्तों को प्रदर्शनी में भाग लेने से पहले उचित रूप से कृमिनाशक दवा दी जानी चाहिए और उनका टीकाकरण पूरा होना चाहिए.
पालतू पशु के मालिक को पंजीकरण के समय उनके टीकाकरण रिकॉर्ड लाना अनिवार्य होगा. अगर नहीं लगाए तो फिर एंट्री नहीं मिलेगी.
प्रदर्शी में भाग लेने वाले कुत्ते किसी भी बीमारी या शारीरिक विकृति से मुक्त होने चाहिए, यदि वे बीमार हैं तो फिर एंट्री नहीं मिलेगी.
प्रदर्शन के दौरान अपने पालतू जानवर की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी उसके मालिक की होगी. यानि खुद ख्याल रखना होगा.
आयोजन समिति को शो के दौरान उत्पन्न किसी भी विवाद को हल करने का अंतिम अधिकार होगा, और उनका निर्णय आखिरी और न बदले जाने वाला होगा.
पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना की तरफ से कुत्तों की प्रदर्शनी के लिए अनिवार्य पंजीकरण फीस 200 रुपए निर्धारित की गई है.
पशु मालिकों से अपील की गई है कि वे संक्रामक रोगों के प्रसार से बचने के लिए अपने पालतू जानवरों के लिए स्वयं पानी का कटोरा लेकर आएं.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि डॉग शो आमतौर से कुत्तों की विभिन्न नस्लों के स्वास्थ्य, शारीरिक बनावट (कन्फर्मेशन) और स्वभाव का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित किए जाते हैं. वहीं इस दौरान एक्सपर्ट पेट्स लवर को कुत्तों के व्यवहार और हैंडलिंग कौशल आदि के बारे में भी सिखाते हैं. ताकि उन्हें अनुशासित रखा जा सके.












