नई दिल्ली. नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) लखीसराय पशु खाद्य एवं चारा फसल उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड, बिहार को बधाई दी है. इस समिति को वित्त वर्ष 2025-26 में एक करोड़ रुपये (107.12 लाख रुपये) से अधिक का टर्नओवर हासिल करने के लिए बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव द्वारा ‘FPO एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है. इस FPO को भारत सरकार की दस हजार नए FPO’ योजना के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है. गौरतलब है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से, यह संगठन किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियाँ अपनाने, पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और स्थानीय चारा प्रणालियों को मजबूत करने में मदद कर रहा है.
देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद दूध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, बरौनी (Comfed Sudha) के CBBO के रूप में और NDDB के कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में सहयोग से शुरू किए गए इस FPO ने लखीसराय जिले से 305 किसान सदस्यों को जोड़ा है. यह FPO चारा उत्पादन, साइलेज उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ावा देने, तथा बीज, उर्वरक और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी गुणवत्तापूर्ण सामग्री तक किसानों की पहुँच बेहतर बनाने में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है.
ताकि बेहतर रेट और उपज मिल सके
ये FPO सामूहिक बिक्री और मूल्य संवर्धन (value addition) को भी बढ़ावा दे रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके.
ताकि उनकी आजीविका को स्थायी रूप से बेहतर बनाने में मदद मिल सके. इतने कम समय में 1 करोड़ रुपये से अधिक का प्रभावशाली टर्नओवर हासिल करना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही हे.
साथ ही ये इसके सदस्यों की दृढ़ प्रतिबद्धता और डेयरी तथा पशुधन मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में किसान संगठनों की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है.
NDDB इस FPO और इसके सदस्यों के प्रयासों की सराहना करता है, जिन्होंने एक जीवंत और किसानों द्वारा संचालित संस्था का निर्माण किया है.
यह संस्था ग्रामीण समृद्धि और पशुधन-आधारित आजीविका को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है.
किताब को किया गया जारी
वहीं दूसरी ओर NDDB, एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ASCI) को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित ‘सिल्वर ओक’ में “सतत विकास के लिए भविष्य-तैयार कृषि कौशल” (Future-Ready Agriculture Skills for Sustainable Growth) की थीम पर ‘एग्री स्किल्स कॉन्क्लेव 2026’ आयोजित करने के लिए बधाई दी.
इस कार्यक्रम की शोभा भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव, सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने बढ़ाई.
उनके साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति और वक्ता भी उपस्थित थे, जिन्होंने कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लिया.
इस कार्यक्रम के दौरान, NDDB और ASCI द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई “भारतीय डेयरी क्षेत्र के लिए कौशल अंतर विश्लेषण” (Skill Gap Analysis for Indian Dairy Sector) नामक एक पुस्तिका भी जारी की गई.










