नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा कमाई करने के लिए ये भी बेहद जरूरी है कि फीड पर आने वाले खर्च को कुछ हद तक ही सही, कम किया जाए. यदि इस खर्च को कम न किया गया तो फिर फॉमर्स को नुकसान होता है. ऐसे में इन दिनों फीड क्राइसिस का दौर है. जिसके चलते फीड की कीमतों में कई परसेंट तक इजाफा देखा जा रहा है. पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि इन हालात से निपटने के लिए जरूरी है कि पोल्ट्री फार्मर्स फीड के अलावा कुछ ऐसा चीजें भी मुर्गे-मुर्गियों को खिलाएं, जिससे उन्हें पोषण भी मिले और फीड लागत भी कम हो जाए.
एक तरफ मक्का और सोयाबीन के दाम किसानों को ज्यादा नहीं मिल रहे हैं इसलिए वो परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर पोल्ट्री फार्मर्स को ये महंगा मिल रहा है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पिछले कुछ हफ्तों में फीड के दाम में 40 फीसद से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया है. इसलिए बीच का रास्ता तो निकालना ही होगा. तभी पोल्ट्री फार्मिंग में मुनाफा कमाया जा सकता है.
फीड की लागत को कम करने के क्या करें
एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री फार्मर्स को घर पर फीड तैयार करना चाहिए. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग की लागत में कमी लाई जा सकती है.
10 किलो फीड तैयार करने के लिए 5 किलो 500 ग्राम मक्का लें. बाजरा 1 किलो मिलाएं. फीड में 700 ग्राम गेहूं को भी शामिल किया जा सकता है.
जबकि सोयाबीन 1 किलो इसके अंदर शामिल करें. सूखी मछली का पाउडर 500 ग्राम शामिल कर सकते हैं.
1 किलो चावल या गेहूं की भूसी को भी शामिल कर लें और राइस पोल्ट्री मिल 100 से 200 ग्राम को इसमें शामिल करें.
मुर्गे और मुर्गियों को फीड देने की बजाय सहजन के पत्ते, साग, पत्ता गोभी आदि दे सकते हैं.
इसका फायदा ये भी है कि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है. इससे मुर्गियां खुद को डिहाइड्रेशन से बचा पाने में कामयाब हो जाती हैं.
फीड के अलावा पानी भी मुर्गियों के लिए जरूरी होता है. इसलिए पानी साफ ठंडा देना चाहिए. पानी के बर्तन को हमेशा साफ रखें.
निष्कर्ष
यदि आप घर पर फीड को तैयार करते हैं और सब्जियां आदि मिलाकर मुर्गे—मुर्गियों को खिलाते हैं तो फीड की लागत खुद ब खुद कम हो जाएगी. इससे आपको सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. फीड घर पर बनाने से कंपनी के लोग जो अपना मुनाफा रखते हैं, उसे नहीं देना होगा. जो फायदा आपकी लागत को कम कर देगा.











