Home पोल्ट्री Poultry Farming: CARI के इस प्रोडक्ट को ब्रॉयलर मुर्गों को फीड में डालकर खिलाने से गर्मी में स्ट्रेस होगा दूर
पोल्ट्री

Poultry Farming: CARI के इस प्रोडक्ट को ब्रॉयलर मुर्गों को फीड में डालकर खिलाने से गर्मी में स्ट्रेस होगा दूर

अंडा और चिकन की बढ़ती मांग को दूर करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्रयास तेज किए हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एवियन न्यूट्रिशन और फीड टेक्नोलॉजी में प्रिंसिपल साइंटिस्ट के रूप में काम करने वाली डॉ. दिव्या ने बताया कि आज के समय मुर्गी पालन बड़ा उद्योग का रूप ले चुका है लेकिन दो समस्याएं इस सेक्टर को ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं. उन्होंने कहा कि एंटी माइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस पैदा होने के चलते पोल्ट्री फार्मिंग में एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल पर पाबंदी है लेकिन फिर भी इसका इस्तेमाल कुछ लोग करते हैं. वहीं इसके अलावा मुर्गी पालन उद्योग में दूसरी समस्या हीट स्ट्रेस की आती है, जो गर्मियों के समय में अधिक तापमान की वजह से होता है. इन सब की वजह से पोल्ट्री फार्मिंग का बिजनेस नुकसान में तब्दील हो जाता है.

उन्होंने बताया कि भारत में तकरीबन 6 महीने तक गर्मी रहती है. इसलिए मुर्गियों में 6 महीने तक हीट स्ट्रेस की समस्या रहती है. ऐसे में मुर्गियों की हेल्थ पर इससे बहुत ज्यादा असर पड़ता है. यही वजह है कि एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग को कम करने और हीट स्ट्रेस की समस्या को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान की ओर से एक प्रोडक्ट बनाया गया है. जिसको मुर्गियों को फीड में खिला कर बेहतर प्रोडक्शन भी हासिल किया जा सकता है.

क्या-क्या हैं इसके फायदे
केंद्रीय एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से प्राकृतिक तरीके से हर्बी ग्रो नाम के प्रोडक्ट को बनाया गया है, जिनको खिलाने से गर्मी और अन्य तनाव को काम किया जा सकता है

यह मुर्गियों की अच्छी ग्रोथ के लिए भी बेहद ही बेहतर होता है. इससे अंडों और मीट की गुणवत्ता बेहतर होती है.

खासकर ब्रॉयलर मुर्गों अगर आप पाल रहे हैं तो इस प्रोडक्ट को खिलाकर अच्छी क्वालिटी का मीट उत्पादन कर सकते हैं.

अगर कोई मुर्गी पालक एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहा है तो सीएआरई की तरफ से बनाए गए इस प्रोडक्ट को खिलाने से उसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी.

क्योंकि इस वक्त मीट के शौकीन लोग एंटीबायोटिक रहित मीट की मांग करते हैं. इस प्रोडक्ट से इस चीज की भी पूर्ति की जा सकती है.

उन्होंने बताया कि 1 किलो फीड में 5 ग्राम हर्बी ग्रो को मिलना है, जिससे एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने जरूरत ही नहीं पड़ेगी.

निष्कर्ष
ये ब्रॉयलर चिकन की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाता है. उनकी इम्यूनिटी भी बढ़ता है. इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण होे हैं जो मुर्गियों की हैल्थ को भी अच्छा करते हैं. सथ ही मीट की गुणवत्ता को भी बेहतर करने के लिए बहुत ही अच्छा है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पोल्ट्री के इस बिजनेस में कई ऐसी नस्ल हैं, जो अच्छा अंडे का उत्पादन करती हैं और उनका मीट भी बेहद पसंद किया जाता है.
पोल्ट्री

Poultry: नवंबर में मुर्गियों को इन तीन बीमारियों का है खतरा, हो जाएं सतर्क

नई दिल्ली. अगर आप मुर्गी पालक हैं तो खबरदार हो जाइए. क्यों...

chicken and egg rate
पोल्ट्री

Poultry: पोल्ट्री सेक्टर में घट रहे मुनाफे की क्या वजह गिना रहे हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली. पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय मथुरा के पोल्ट्री विज्ञान...

Poultry farming: Not only airborne infections, but also water can spread disease in chickens, Livestocknews.com
पोल्ट्रीसरकारी स्की‍म

Poultry Farming Scheme: यूपी में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग करने के लिए सरकार दे रही है आर्थिक मदद

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में महिलाओं को कमाई का जरिया...

पोल्ट्री

Poultry Farming: मुर्गियां अंडों का उत्पादन कम करें तो तुरंत उठाएं ये जरूरी कदम, नहीं होगा नुकसान

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में अक्सर ये देखने को मिलता है कि...