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Dairy: असम में 20 हजार लीटर वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की हुई शुरुआत, किसानों की इनकम बढ़ेगी

उद्घाटन के मौके पर तमाम लोग.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB द्वारा मैनेज की जाने वाली पूरबी डेयरी ने बराक वैली में अपना काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है. असम सरकार के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री कृष्णेंदु पॉल ने सिलचर के गुंगूर में 20 हजार लीटर प्रति दिन (LPD) क्षमता वाले नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया है. ये प्लांट पहले पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग के तहत था, जिसे असम डेयरी डेवलपमेंट प्लान के तहत अपग्रेड किया गया है और इसे नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड ने चालू किया है, जो असम सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का एक जॉइंट वेंचर है.

इस कार्यक्रम में बराक वैली डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के माननीय मंत्री कौशिक राय, राज्यसभा के सदस्य कणाद पुरकायस्थ, लोकसभा के सदस्य परिमल शुक्लबैद्य और NDDB के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एस रघुपति और कई अन्य जाने-माने लोग भी मौजूद थे.एनडीडीबी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी IDMC लिमिटेड ने 10 महीने से भी कम समय में यह प्लांट पूरा किया है.

आम लोगों को मिलेगा ताजा दूध
इसमें मॉडर्न डेयरी प्रोसेसिंग मशीनरी और क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं ताकि साफ-सफाई से प्रोसेस किया हुआ और स्टैंडर्ड दूध का प्रोडक्शन पक्का हो सके.

इसके चालू होने से, सिलचर और आस-पास के इलाकों के कंज्यूमर्स को पूरबी ब्रांड के तहत ताजा पाउच वाला दूध मिलेगा, साथ ही कई तरह के वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स भी मिलेंगे.

इससे आम लोगों को भी फायदा होगा. क्योंकि ताजा दूध मिलेगा और पोषण की जरूरतों को भी दूध से पूरा किया जा सकेगा.

अपने भाषण में, मंत्री ने कहा कि प्लांट का चालू होना राज्य के ऑर्गनाइज्ड डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, संतुलित क्षेत्रीय विकास पक्का करने और स्थानीय डेयरी किसानों के लिए पक्के खरीद चैनल बनाने के विजन को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों की इनकम सुधारने और न्यूट्रिशनल सिक्योरिटी पक्का करने के लिए कोऑपरेटिव संस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है.

एस. रघुपति ने इस बात पर जोर दिया कि सस्टेनेबल डेयरी डेवलपमेंट के लिए ब्रीडिंग, फीड और चारे के मैनेजमेंट, ट्रांसपेरेंट दूध की खरीद, साइंटिफिक प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और प्रोफेशनल मार्केटिंग में शुरू से आखिर तक टेक्निकल सपोर्ट की जरूरत होती है.

जिसे कोऑपरेटिव सिद्धांतों पर काम करने वाले प्रोड्यूसर-ओन्ड संस्थाओं के जरिए सबसे अच्छे तरीके से दिया जा सकता है.

उन्होंने असम में डेयरी डेवलपमेंट के लिए NDDB के लगातार टेक्निकल और इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट की पुष्टि की.

Written by
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