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Poultry Farming: मार्केट रिसर्च के बिना न करें मुर्गी पालन, हो सकता है बड़ा नुकसान, इन गलतियों से भी बचें

अंडा और चिकन की बढ़ती मांग को दूर करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्रयास तेज किए हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मुर्गी पालन में अक्सर मुर्गी पालकों को नुकसान उठाना पड़ जाता है. वो इस बात की शिकायत भी करते हैं. हालांकि ये नुकसान कई बार तो उनकी गलतियों की वजह से ही होता है. असल में मुर्गी पालन में की गई गलती इस पूरे काम को खराब कर कर देती है. एक्सपर्ट का कहना है कि कई पोल्ट्री फार्मर्स बिना मार्केट रिसर्च के चूजे डाल लेते हैं और दाना खिलाकर बड़ा कर लेते हैं. जब मुर्गियां तैयार हो जाती हैं और समय पर नहीं बिकतीं, तो रोजाना का दाना खर्च हजारों में पहुंच जाता है. फिर एक निश्चित समय के बाद मुर्गियों का वजन दाने के अनुपात में नहीं बढ़ता.

मजबूरी में बेचने पर व्यापारी 10 से 20 प्रति किलो तक दाम गिरा देते हैं, जिससे भारी घाटा होता है. इसके समाधान की बात की जाए तो ​चूजे डालने से पहले स्थानीय मंडी, बड़े व्यापारियों और चिकन विक्रेताओं से संपर्क करें और उनका फोन नंबर लें. ये पता करें कि इलाके में किस नस्ल या प्रजाति की मांग और भाव सबसे ज्यादा हैं, उसी नस्ल के चूजे फार्म में लाएं.

बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा
▶️ वहीं पोल्ट्री फार्मिंग में बायोसिक्योरिटी और वेंटिलेशन को हल्के में लेना भी भारी पड़ जाता है.

▶️ इससे मुर्गियों में रानीखेत या गंबोरो जैसी बीमारियां हवा की रफ्तार से फैलती हैं.

▶️ इससे 24 से 48 घंटे में 80 फीसद मुर्गियां खत्म हो सकती हैं.

▶️ बाहर के लोगों व जीवों के आने, बाहर के जूते-चप्पल अंदर ले जाने से ये समस्या आती है.

▶️ वहीं गीले बिछावन (Litter) से अमोनिया गैस बनने के कारण बीमारियां पनपती हैं

▶️ इसलिए ​फार्म के अंदर और बाहर के चप्पल जूते को अलग रखना चाहिए.

▶️ ​दरवाजे पर फुट-डिप (पोटाश पानी, Kohrsolin या B904 डिसइंफेक्टेंट) रखें और पैर डुबोकर ही अंदर जाएं

▶️ ​फार्म में हवा के आर-पार जाने (वेंटिलेशन) की उचित व्यवस्था रखें.

▶️ ताकि अमोनिया गैस न बने और मुर्गियों को सीआरडी (CRD) जैसी सांस की बीमारी से बचाया जा सके.

▶️ मुर्गी पालक फीड मैनेजमेंट (FCR) और पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते हैं.

▶️ मुर्गी पालन का 70 फीसद खर्च दाने पर होता है.

▶️ यदि सस्ते दाने के चक्कर में मुर्गी 2 किलो दाना खाकर सिर्फ 1 किलो वजन दे रही है तो ये नुकसान है. कम दाने में ज्यादा वजन मिलना चाहिए

▶️ मुर्गियों के लिवर की 80 फीसद बीमारियां गंदे पानी के कारण होती हैं, जिससे पाचन तंत्र खराब हो जाता है.

▶️ इसलिए ​मुर्गियों को हमेशा ताजा और साफ पानी दें. पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराएं.

▶️ ​बर्तन थोड़े ऊंचे स्थान पर रखें ताकि वे गंदे न हों, और गंदे पानी को तुरंत बदलकर ताजा पानी भरें.

निष्कर्ष
यदि इन गलतियों से सीख लेकर आगे मुर्गी पालन करेंगे तो फिर नुकसान का खतरा बहुत कम हो जाएगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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