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Poultry: पोल्ट्री फार्मिंग में रेकिंग क्यों किया जाता है, क्या हैं इसके फायदे, किस तरह करते हैं जानें यहां

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पोल्ट्री फॉर्म में चूजे. live stock animal news

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग कम लागत में किया जाने वाला एक बेहतरीन कारोबार है. अगर आप भी पोल्ट्री फार्मिंग से करके अच्छा खासा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो इस कारोबार में हाथ आजमा सकते हैं. पोल्ट्री फार्मिंग में सबसे ज्यादा पोल्ट्री फार्म की रखरखाव में ध्यान देने की जरूरत होती है. क्योंकि पोल्ट्री फार्म में तमाम व्यवस्थाएं अगर ठीक नहीं होती तो इससे चूजों में कई तरह की दिक्कतें होती हैं. उनमें मृत्युदर भी दिखाई देती है. इस वजह से पोल्ट्री फार्म का मैनेजमेंट करना बेहद ही अहम काम होता है. तभी इस कारोबार में कमाई की जा सकती है.

पोल्ट्री फार्मिंग में जब हम चूजों को फॉर्म के अंदर लेकर आते हैं तो तीसरे दिन से ही लगातार पोल्ट्री फार्म में रेकिंग करने की जरूरत होती है. रेकिंग को पंचिंग भी कहा जाता है. रेकिंग एक ऐसा प्रोसेस है जिससे पोल्ट्री फार्म के अंदर चूजों के लिए बिछाई गए बिस्तर को उलट पलट किया जाता है. इसी प्रक्रिया को रेकिंग या पंजिंग कहा जाता है. जिसका कई फायदा है. आइये इस आर्टिकल में जानते हैं कि रेकिंग या पंचिंग करने के क्या-क्या फायदे हैं और इसे करने में किन बातों का ध्यान देना चाहिए.

किन बातों का देना है ध्यान, जानें यहां
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि रेकिंग करना या पंचिंग लगाना यह बहुत ही जरूरी काम है. इसे चूजों के आने के तीसरे दिन से लेकर 32वें दिन तक रेगुलर करना चाहिए.

रेकिंग करने से फार्म के अंदर अमोनिया गैस का प्रभाव बेहद ही काम हो जाता है. अमोनिया गैस के काम होने से काफी सारी बीमारियां का खतरा कम हो जाता है.

रेकिंग से क्रॉनिक डिजीज, एस्पेरगिलोसिस, बर्ड फ्लू समेत कई बीमारियां दूर हो जाती हैं. इन बीमारियों का खतरा कम रहता है.

रेकिंग न होने की वजह से पोल्ट्री फार्म में बड़ा नुकसान हो सकता है. इसलिए रेकिंग या पंचिंग करते रहना चाहिए.

इसका सबसे बड़ा फायदा यह भी होता है कि इससे एयर क्वालिटी भी अच्छी हो जाती है और बर्ड के लिए फ्लोरिंग बिल्कुल कंफर्टेबल हो जाती है. रेकिंग से चूजों की ग्रोथ बेहतर हो जाती है और तेजी के साथ वो ग्रोथ करते हैं.

रेकिंग करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना होता है. जब रेकिंग करें तो साइड के पर्दे हल्के उठा देना चाहिए या फिर एग्जास्ट सिस्टम को ऑन कर देना चाहिए, ताकि अमोनिया गैस बाहर निकल जाए.

रेकिंग करते वक्त इस बात का ध्यान दें कि हमेशा ही हल्के हाथों से करना चाहिए. इसे रेगुलर करते रहना चाहिए, इससे एयर क्वालिटी हमेशा बनी रहती है, जो चूजों के लिए बेहद जरूरी है.

Written by
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