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Poultry Farming: वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से पोल्ट्री फार्मिंग करके बने सफल कारोबारी

रोगी पक्षियों के पंख बिखरे-बिखरे व लटके रहते हैं और कॉम्ब पर पीलापन नजर आता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके पर आधारित पोल्ट्री फार्मिंग के मॉडल को अपनाया जाए तो इससे आप एक बड़े और सफल पोल्ट्री कारोबारी बन सकते हैं. जिससे न सिर्फ आप खुद कमाई कर पाएंगे बल्कि दूसरों को रोजगार भी मुहैया करा पाएंगे. ऐसा ही किया है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले सैफ अहमद ने. सैफ अहमद इस तरह की फार्मिंग करके सफल होने की एक मिसाल हैं. जिन्होंने वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक पर आधारित पोल्ट्री फार्मिंग शुरू की और 2013 से अब तक उन्होंने खूब कमाई की. अब वो इस काम से करोड़पति बन चुके हैं.

पोल्ट्री कारोबारी सैफ अहमद ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कुक्कुट विकास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने लखनऊ में 2013 में छोटे स्तर पर पोल्ट्री फार्मिंग का काम शुरू किया था. उनकी ये मंशा थी कि उनके पास एक अपना कारोबार हो. जैसे—जैसे अनुभव मिलता गया है वो काम को बढ़ाते चले गए. इसके बाद 2019 में वेल्हेन प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की, आज उनके फार्म में 1 लाख 80 हजार से ज्यादा मुर्गे और मुर्गियां हैं. उनके इस कारोबार का टर्न ओवर 8 से 12 करोड़ के बीच है.

क्या है वैज्ञानिक और आधुनिक तरीका
वो गुणवत्ता पूर्ण अंडा और बेहतरीन उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी उत्पादक और सफल कारोबारी हैं. जिसका लोहा सरकार भी मानती है.

ग्रामीण युवाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम भी सैफ अहमद की ओर से किया गया है.

आपको बता दें कि वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से पोल्ट्री फार्मिंग करने में तापमान आर्द्रता और वेंटिलेशन को ऑटोमेटिक नियंत्रित किया जाता है.

इस तरीके से आप उन्नत नस्लों का चयन करके ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

तेजी से बढ़ाने वाले ब्रॉयलर मुर्गों को भी पालकर अच्छा पैसा बना सकते हैं. वहीं अंडों के उत्पादन के लिए लेयर मुर्गियों को पालकर भी कमाई कर सकते हैं.

फीड के तौर पर चारे में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और खनिजों का संतुलन रहता है. वहीं ऑटोमेटिक फीडर और ड्रिंकर लगाया जाता है, जिससे बर्ड को आसानी से फीड और पानी मिलता है.

बीमारियों से बचाने के लिए बायो सिक्योरिटी और वैक्सीनेशन का सही से ख्याल रखा जाता है. जिससे मुर्गियां बीमार नहीं होती हैं और उत्पादन बेहतर मिलता है.

कई पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों के व्यवहार स्वास्थ्य और शोर की निगरानी के लिए एआई सेंसर का भी इस्तेमाल किया जाता है.

निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहा जाए तो पोल्ट्री फार्मिंग में सफल होने के लिए वैज्ञानिक और आधुनिक तरीका अपनाना बेहद ही जरूरी है. तभी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं.

Written by
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