Home पोल्ट्री Poultry Farming Tips: गीला या सड़ा हुआ फीड खिलाने से मुर्गियों को होती है पेट की बीमारियां
पोल्ट्री

Poultry Farming Tips: गीला या सड़ा हुआ फीड खिलाने से मुर्गियों को होती है पेट की बीमारियां

livestock animal news
अंकलेश्वर नस्ल की फोटो.

नई दिल्ली. अगर आप मुर्गी पालक हैं तो एक बात को गांठ बांध कर रख लें कि मुर्गियों को सबसे ज्यादा पेट की बीमारी परेशान करती है. मुर्गी पालन पेट की बीमारी की वजह से बहुत ज्यादा प्रभावित होता है. चाहे आप मुर्गी पालन अंडों के उत्पादन के लिए करें या फिर मीट उत्पादन के लिए ब्रॉयलर मुर्गों को पालें. दोनों ही तरह के मुर्गे और मुर्गियों को पेट की बीमारियों से परेशानी होती है और उत्पादन पर असर पड़ता है. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग के काम में आपको बड़ा आर्थिक नुकसान होता है.

एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को पेट की बीमारियों में जैसे कॉक्सिडियोसिस और दस्त बहुत ज्यादा होती है. इसके अलावा आंतों में संक्रमण, गंदे पानी या फीड की वजह से बैक्टीरिया, संक्रमण, पेट में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और पेट के कीड़े जैसी बीमारियां हो जाती हैं. इनसे वक्त पर बचाव बेहद जरूरी है और यह भी जानना भी है जरूरी है कि उससे बचाव कैसे किया जा सकता है. क्योंकि कुछ लापरवाही की वजह से भी इस तरह की बीमारी हो जाती हैं.

बीमारियों से बचाव के उपाय
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को पेट की बीमारियों से बचाने के लिए रोजाना दड़बे को अच्छी तरह से साफ करें और गीले या गंदे बिस्तर को तुरंत बदल देना चाहिए.

मुर्गे और मुर्गियों को हर हाल में साफ और ताजा पानी पिलाएं और पानी के बर्तनों को हर हाल में रोजाना धोएं. पानी में हल्दी या पोटेशियम परमैंगनेट मिलाकर इसे कीटाणु रहित किया जा सकता है.

मुर्गियों को पेट की बीमारियों से बचाने के लिए पौष्टिक फीड देना चाहिए. गीला या सड़ा हुआ खाना पेट की बीमारियों का मुख्य कारण बनता है.

रानीखेत और कॉक्सिडियोसिस जैसी बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे अहम है. इसलिए समय पर वैक्सीन जरूर लगवाएं.

नई मुर्गियों को पुरानी मुर्गियों से कम से कम 30 दिनों तक अलग रखें. अगर उन्हें आप सीधे अपनी पुराने बैच में रख देते हैं तो नई मुर्गियां पुरानी मुर्गियों को बीमार कर सकती हैं.

अगर मुर्गियों को पेट के कीड़ों से बचाना है तो पपीते का दूध, सुपारी, अनार के छिलके का इस्तेमाल कर सकते हैं.

निष्कर्ष
ये कुछ तरीके हैं, जिनको अपनाने से आप मुर्गियों का बीमारियों से बचा सकते हैं और पोल्ट्री फार्मिंग के अपने काम में मुनाफा भी अच्छा कमा सकते हैं. एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि मुर्गियों को पेट की बीमारियों से बचाने का सीधा रिश्ता पोल्ट्री फार्मिंग के मुनाफे से जुड़ा हुआ है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पोल्ट्री के इस बिजनेस में कई ऐसी नस्ल हैं, जो अच्छा अंडे का उत्पादन करती हैं और उनका मीट भी बेहद पसंद किया जाता है.
पोल्ट्री

Poultry: नवंबर में मुर्गियों को इन तीन बीमारियों का है खतरा, हो जाएं सतर्क

नई दिल्ली. अगर आप मुर्गी पालक हैं तो खबरदार हो जाइए. क्यों...

chicken and egg rate
पोल्ट्री

Poultry: पोल्ट्री सेक्टर में घट रहे मुनाफे की क्या वजह गिना रहे हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली. पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय मथुरा के पोल्ट्री विज्ञान...

Poultry farming: Not only airborne infections, but also water can spread disease in chickens, Livestocknews.com
पोल्ट्रीसरकारी स्की‍म

Poultry Farming Scheme: यूपी में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग करने के लिए सरकार दे रही है आर्थिक मदद

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में महिलाओं को कमाई का जरिया...

पोल्ट्री

Poultry Farming: मुर्गियां अंडों का उत्पादन कम करें तो तुरंत उठाएं ये जरूरी कदम, नहीं होगा नुकसान

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में अक्सर ये देखने को मिलता है कि...